Azam Khan university case: रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान के ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. रामपुर विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की टीम ने विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताओं का दावा किया गया.
बिना स्वीकृति बने भवन
जांच के दौरान आरडीए की टीम ने पाया कि विश्वविद्यालय परिसर में बने 38 भवनों का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति के किया गया है. इस पर विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. नोटिस में तय समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं.
अग्नि सुरक्षा और दस्तावेजों की जांच
संयुक्त टीम ने भवनों की स्थिति के साथ-साथ अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया. अधिकारियों ने निर्माण से जुड़े दस्तावेजों और आवश्यक अनुमतियों की जांच की. प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है.
आगे की कार्रवाई की चेतावनी
सूत्रों के अनुसार यदि विश्वविद्यालय प्रबंधन निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं देता या आवश्यक स्वीकृतियां प्रस्तुत नहीं कर पाता, तो बिना मानचित्र स्वीकृति के बने भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है. प्रशासन का रुख साफ है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
आजम खान का परिचय
आजम खान उत्तर प्रदेश के रामपुर से जुड़े वरिष्ठ राजनेता हैं और समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में गिने जाते हैं. उनका जन्म 14 अगस्त 1948 को रामपुर में हुआ था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और राजनीति में कदम रखते ही रामपुर की नवाबी राजनीति को चुनौती दी. वे दस बार विधायक चुने गए और राज्य सरकार में कई बार कैबिनेट मंत्री रहे, जहां उन्होंने शहरी विकास, अल्पसंख्यक कल्याण और संसदीय कार्य जैसे विभाग संभाले. आजम खान ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना भी की. कई मामलों में सजा और विवादों के बावजूद वे रामपुर की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा बने हुए हैं.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

