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बिट्टू का सीएम भगवंत मान पर तीखा हमला, कॉमेडी के ज़रिए ड्रग्स और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप

केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्होंने अपने कॉमेडी करियर से ड्रग्स, भ्रष्टाचार और अपराध को महिमामंडित किया और वही सोच अब उनके शासन में भी दिख रही है.

केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि मान ने अपने पूर्व कॉमेडियन करियर के दौरान ड्रग्स, भ्रष्टाचार और आपराधिक मानसिकता को महिमामंडित किया, और वही सोच आज भी उनके शासन में दिखाई देती है, जिससे पंजाब की संस्थाएं और सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहे हैं.

चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए बिट्टू ने कहा कि मान की पूर्व भूमिका और जीवनशैली उनके मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अक्सर आधिकारिक बैठकों में नशे की हालत में होते हैं. हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ पानी बंटवारे पर हुई बैठक का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मान उस समय नशे में थे और मीडिया के सामने ठीक से बोल नहीं पाए.

कॉमेडी शो से शासन नीति तक का आरोप

बिट्टू ने फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट की एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि वहां नशे की हालत में गिरने से भगवंत मान की पगड़ी उतर गई थी, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए शर्मिंदगी का कारण बना. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को स्थिति को संभालने के लिए राजनयिक हस्तक्षेप करना पड़ा.

बिट्टू ने मान के पुराने कॉमेडी शो ‘जुगनू कहंदा है’ और ‘जुगनू मस्त मस्त’ की क्लिपिंग्स दिखाते हुए आरोप लगाया कि इन कार्यक्रमों में शिक्षा में रिश्वतखोरी, अवैध शराब का व्यापार और शिक्षकों व सरकारी अधिकारियों का मज़ाक उड़ाया गया था. उन्होंने कहा, “ये सिर्फ मनोरंजन नहीं थे. इनसे ऐसे खतरनाक संदेश फैले, जिन्होंने जनता का संस्थाओं पर भरोसा कमजोर किया.”

उन्होंने कहा कि कुछ स्किट्स में मान ने एक काल्पनिक मुख्यमंत्री की भूमिका निभाते हुए खुलेआम ड्रग्स वितरण, चुनाव में धांधली और वोट हासिल करने के लिए हथियारों के प्रयोग को बढ़ावा दिया. बिट्टू ने आरोप लगाया, “जो वह कभी मज़ाक में करते थे, वही आज उनकी सरकार की नीति बन चुकी है.” उन्होंने इसे लुधियाना वेस्ट उपचुनाव में लगे हालिया आरोपों से जोड़ा.

केंद्रीय मंत्री ने मान की मौजूदा ‘शिक्षा क्रांति’ योजना की भी आलोचना की और कहा कि यह उन्हीं विकृत विचारों का विस्तार है, जिन्हें वह पहले मंच से फैलाते थे. उन्होंने सवाल उठाया, “जो व्यक्ति शिक्षा का मज़ाक उड़ाता रहा हो, क्या वह पंजाब के युवाओं को नशे से मुक्ति दिला सकता है?”

AAP सरकार पर ‘प्रचार और छल’ का आरोप

बिट्टू ने आगे आरोप लगाया कि भगवंत मान और बादल परिवार के बीच एक मौन सांठगांठ रही है और दोनों ने अलग-अलग समय पर पंजाब में ड्रग्स की समस्या को बढ़ावा दिया. उन्होंने कहा कि एक स्किट में मान ने यहां तक कहा था कि 35 साल की उम्र के बाद ताकत बढ़ाने के लिए अफीम का सेवन करना चाहिए. उन्होंने पूछा, “इन संदेशों के पीछे कौन था? इन कार्यक्रमों का वित्तपोषण किसने किया?” उन्होंने वादा किया कि अगर 2027 में पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है, तो इस पूरे मामले की गहन जांच करवाई जाएगी.

बिट्टू ने आम आदमी पार्टी की सरकार को “प्रचार और छल की सरकार” बताते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है, नशे की लत बढ़ रही है और शिक्षा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है. उन्होंने कहा, “पंजाब की जनता को अब जागना होगा और सच्चाई को पहचानना होगा. यह मनोरंजन नहीं, बल्कि कॉमेडी के पर्दे में छिपा कुप्रशासन है.”

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-भारत एक्सप्रेस 



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