सनातन संत नियोग के बैनर तले कर्नाटक के धार्मिक संतों के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात की और धर्मस्थल हत्याकांड की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की माँग की.
हरिहर स्थित वीरशैव लिंगायत पंचमसाली पीठ के वचनानंद स्वामीजी के नेतृत्व वाले इस समूह में सात अन्य वरिष्ठ धार्मिक नेता शामिल थे.
प्रतिनिधिमंडल ने एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और केंद्र सरकार से जांच अपने हाथ में लेने का आग्रह किया. प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्व जानबूझकर धर्मस्थल, एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र, को उसी तरह निशाना बना रहे हैं जैसे उन्होंने सबरीमाला और तिरुपति जैसे अन्य हिंदू तीर्थस्थलों को निशाना बनाया है.
हालांकि संतों ने कहा कि उन्हें राज्य द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) पर कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि केवल राष्ट्रीय स्तर की जांच ही इस साज़िश की पूरी तह तक पहुंच सकती है.
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए वचनानंद स्वामीजी ने कहा, “SIT में स्पष्टता का अभाव है. यह सिर्फ़ एक आपराधिक मामला नहीं है—यह हमारे धार्मिक मूल्यों पर हमला है. सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री शाह ने संतों को आश्वासन दिया कि वह घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और आगामी कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे को उठाएंगे.
उन्होंने धार्मिक समुदायों को निशाना बनाकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं और दुष्प्रचार का मुकाबला करने के लिए नए कानूनी ढाँचे पर विचार करने का भी वादा किया.
सुरक्षा की गुहार
गृह मंत्री शाह को सौंपे गए ज्ञापन में इस स्थिति को ‘श्री क्षेत्र धर्मस्थल में एक दिखावा’ और धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े परिवार तथा सनातन एवं जैन धर्म के सिद्धांतों पर एक ‘दर्दनाक और असहनीय’ हमला बताया गया है.
इसमें शीघ्र न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े निवारक उपाय करने का आह्वान किया गया है.
ज्ञापन में कहा गया है, “सनातन और जैन समुदाय लंबे समय से शांति, सद्भाव, शिक्षा और परोपकार को बढ़ावा देते रहे हैं. आज, हम अपनी आध्यात्मिक परंपराओं को सुनियोजित हमलों से बचाने के लिए आवाज़ उठाते हैं.”
-भारत एक्सप्रेस
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