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Republic Day 2026: राजपथ पर दिखेगी भारत-EU की भरोसेमंद दोस्ती, जयशंकर बोले- यह एक बड़ा मील का पत्थर है

Republic Day: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की. दोनों नेता 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे.

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Republic Day: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की. दोनों नेता 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. ईएएम एस जयशंकर से मुलाकात से पहले ईयू के दोनों बड़े नेताओं का औपचारिक स्वागत किया गया और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा कर खुशी जाहिर की. उन्होंने लिखा,

ईयू काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और ईयू कमीशन की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन का भारत में स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है. 77वें रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन के लिए उन्हें चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है. मुझे यकीन है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी आने वाली बातचीत भारत-यूरोपियन यूनियन के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करेगी.

भरोसे की साझेदारी

बता दें, इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा,

भारत-ईयू : भरोसे की साझेदारी. यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा का भारत के राजकीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंचने पर दिल से स्वागत है. वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया.

उन्होंने कहा कि यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में चीफ गेस्ट हैं. इस दौरे से भारत-ईयू स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और गहरी होगी.

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भारत-ईयू के बीच बढ़ेगा रणनीतिक सहयोग

समिट में दोनों पक्ष एक संयुक्त ईयू-भारत कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक एजेंडा अपना सकते हैं. इसका मकसद चार एरिया में दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना है, जिसे अलग-अलग पिलर से मजबूत किया जाएगा.

इसमें समृद्धि और स्थिरता, तकनीक और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी और ग्लोबल मुद्दे शामिल होंगे. इसके अलावा दोनों पक्ष एफटीए को लेकर भी आखिरी चरण की चर्चा पर फैसला ले सकते हैं. यह समझौता 2007 में शुरू हुआ और 2022 में इसे फिर से लॉन्च किया गया. यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देगा.

-भारत एक्सप्रेस



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