Bharat Express DD Free Dish

Land For Job से संबंधित CBI से जुड़े मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट 30 जनवरी को सुनवाई करेगा

सीबीआई द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र में कहा गया है कि भोला यादव लालू प्रसाद यादव के सचिव रह चुके है और वही सभी काम देखते थे. भोला यादव ही अधिकारियों को निर्देश देते थे. इस मामले में लालू प्रसाद यादव सहित उनके परिवार के पांच सदस्य आरोपी है.

rouse avenue court delhi

Land For Job Scam: लैंड फॉर जॉब से संबंधित सीबीआई (CBI) से जुड़े मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट 30 जनवरी को सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि एक आरोपी रेलवे के अधिकारी के खिलाफ अभी सीबीआई को मुकदमा चलाने की अनुमति अभी तक नहीं मिली है. जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई को 30 जनवरी तक के लिए टाल दिया है.

पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश

इससे पहले सीबीआई को 30 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मिल गई है. लेकिन एक अन्य सरकारी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति का इंतजार है. कोर्ट से 7 अक्टूबर को सभी 9 आरोपियों को एक-एक लाख रुपए की निजी मुचलके पर जमानत मिल गई थी. कोर्ट ने सभी को पासपोर्ट सरेंडर करने को कहा था. सीबीआई द्वारा दायर अंतिम चार्जशीट में 78 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

CBI के मुताबिक 38 कैंडिडेट्स हैं, इसके अलावे कुछ अधिकारी शामिल है. सीबीआई ने 6 मार्च को इस मामले में तीसरी पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था. जिसमे भोला यादव को आरोपी बनाया गया है.

भोला यादव ही अधिकारियों को निर्देश देते थे

सीबीआई द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र में कहा गया है कि भोला यादव लालू प्रसाद यादव के सचिव रह चुके है और वही सभी काम देखते थे. भोला यादव ही अधिकारियों को निर्देश देते थे. इस मामले में लालू प्रसाद यादव सहित उनके परिवार के पांच सदस्य आरोपी है. इसमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव शामिल है. वही ईडी (ED) के मामले में कोर्ट ने 7 मार्च को राबड़ी देवी, मीसा भारती, हीमा यादव और हृदयानंद चौधरी को नियमित जमानत दी थी.

लालू और तेजस्वी यादव हैं आरोपी

कोर्ट ने 18 सितंबर को ED की ओर से दाखिल पहली पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. ईडी के सप्लीमेंट्री चार्जशीट में पूर्व केंद्रीय रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव को आरोपी बनाया गया है. ईडी का आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते हुए नौकरी के बदले लोगों से जमीन ली थी. राजद प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते बगैर किसी विज्ञापन के कई लोगों को रेलवे में नौकरियां दी.

नौकरी देने के बदले उनसे या उनके परिवार के सदस्यों से लालू प्रसाद यादव ने उनकी जमीनें अपने परिवार के नाम लिखवा ली. इस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों की जांच कर रही है.


ये भी पढ़ें: Patna High Court के चीफ जस्टिस K Vinod Chandran सुप्रीम कोर्ट के जज बने, CJI ने दिलाई शपथ


-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read