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मोहन भागवत ने बताया US को जवाब देने का तरीका, मान गए इंडियन तो निकल जाएगी ट्रंप की हवा

Mohan Bhagwat On Donald Trump Tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाया टैरिफ आज से लागू हो गया है. इस बीच पहली बार RSS प्रमुख मोहन भागवत का इस पर बयान आया है.

Mohan Bhagwat On Donald Trump Tariff

टैरिफ पर मोहन भागवत

Mohan Bhagwat On Donald Trump Tariff: अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है. यह टैरिफ आज से लागू भी हो गया है. इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने इस मामले पर बयान दिया है. उनका यह बयान केवल व्यापारिक नीति पर एक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और स्वदेशी को लेकर एक बड़ा संदेश है. पीएम मोदी के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए, भागवत ने कहा कि भारत को अपनी नीतियों में आत्मनिर्भर होना चाहिए और किसी भी देश के दबाव में नहीं आना चाहिए. उन्होंने ट्रंप के टैरिफ का जवाब देने का रास्ता भी सुझाया है.

आरएसएस चीफ मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार स्वेच्छा से होना चाहिए, दबाव में नहीं. आत्मनिर्भरता और स्वदेशी को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए भागवत ने कहा कि हमें अपने देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए.

आत्मनिर्भरता की आवश्यकता- Mohan Bhagwat

मोहन भागवत ने कहा कि आत्मनिर्भरता सब बातों की कुंजी है और अपना देश आत्मनिर्भर होना चाहिए. इसके लिए स्वदेशी के उपयोग को प्राथमिकता देनी होगी. उन्होंने कहा कि जो चीज हमारे घर में बनती है, उसे बाहर से लाने की क्या जरूरत है.

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स्वदेशी को बढ़ावा देने का आह्वान

भागवत ने लोगों से स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया और कहा कि हमें अपने देश में बने उत्पादों को प्रोत्साहन देना चाहिए. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नींबू की शिकंजी पी सकते हैं, कोका कोला क्यों चाहिए? घर पर अच्छा खाना खाओ, पिज्जा की क्या जरूरत?

सामाजिक समरसता पर जोर

आरएसएस चीफ ने सामाजिक समरसता को लेकर काम करने पर जोर दिया और कहा कि मनुष्य को लेकर हम जाति के बारे में सोचने लगते हैं. इसको मन से खत्म करना होगा. उन्होंने कहा कि मंदिर, पानी और श्मशान सबके लिए हैं, उसमें भेद नहीं होना चाहिए.

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भारत की तरक्की के लिए क्या जरूरी?

मोहन भागवत का बयान (Mohan Bhagwat On Donald Trump Tariff) एक तरफ अमेरिका के टैरिफ पर भारत का रुख स्पष्ट करता है, तो दूसरी तरफ स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर देता है. ‘कोका कोला की जगह नींबू की शिकंजी’ जैसी छोटी-छोटी बातों से उन्होंने लोगों को विदेशी उत्पादों से दूरी बनाने का संदेश दिया. उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर, पानी और श्मशान जैसी सार्वजनिक जगहों पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. उनका यह बयान व्यापार, समाज और पर्यावरण जैसे मुद्दों को एक साथ जोड़ता है, जिससे यह साफ होता है कि भारत की तरक्की के लिए इन सभी पहलुओं पर काम करना जरूरी है.



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