रिपोर्ट- अजय भटनागर
सागर जिले में अवैध शराब से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अवैध और जहरीली शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के निर्देश के बाद जिले में शराब माफियाओं पर कार्रवाई तेज कर दी गई है. इसी कड़ी में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आरोपियों की अवैध संपत्तियों को निशाने पर लेते हुए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है.
जानकारी के मुताबिक, सागर में अवैध शराब के मामले से जुड़े मुख्य आरोपियों के पांच ठिकानों पर प्रशासन की कार्रवाई चल रही है. इन स्थानों पर बने अवैध मकानों और गोदामों को चिन्हित करने के बाद उन्हें ध्वस्त किया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
पांच ठिकानों पर कार्रवाई
मामले में आरोपी बताए जा रहे मनीष, चंद्रभान और आशीष की कथित अवैध संपत्तियों पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है. पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर से अवैध निर्माण गिराए जा रहे हैं. कार्रवाई के दौरान प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब सागर में अवैध शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और शराब के अवैध कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. घटना के बाद से ही जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग तेज थी.
सरकार ने साफ किया रुख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही अधिकारियों को अवैध और जहरीली शराब के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दे चुके हैं. सरकार की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले शराब माफियाओं के खिलाफ किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
सागर में शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई को भी इसी सख्त अभियान का हिस्सा माना जा रहा है. प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों ने कहीं सरकारी जमीन या अन्य नियमों का उल्लंघन कर संपत्तियां तो नहीं बनाई हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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