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‘हम होंगे कामयाब’…मलेशिया पहुंचे डेलिगेशन का हिस्सा सलमान खुर्शीद ने कहा- ‘भारत एक स्वर में कह रहा है, आतंकवाद अब और नहीं’

सलमान खुर्शीद ने कहा, “भारत एक स्वर में कह रहा है, ‘आतंकवाद अब और नहीं.’… हमें उम्मीद है कि हम आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक उभार पैदा करेंगे ताकि दुनिया शांतिपूर्ण और समृद्ध हो सके… हम विश्वास के साथ कह सकते हैं, ‘हम होंगे कामयाब’.”

Salman Khurshid

JDU सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने रविवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के एकीकृत रुख पर प्रकाश डाला और आतंकवाद से निपटने के लिए एक सामूहिक वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता को रेखांकित किया, जिससे दुनिया भर में शांति और समृद्धि को बढ़ावा मिले.

उन्होंने कहा, “भारत एक स्वर में कह रहा है, ‘आतंकवाद अब और नहीं.’… हमें उम्मीद है कि हम आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक उभार पैदा करेंगे ताकि दुनिया शांतिपूर्ण और समृद्ध हो सके… हम विश्वास के साथ कह सकते हैं, ‘हम होंगे कामयाब’.”

बता दें कि “आई विल ओवरकम समडे” फिलाडेल्फिया के रेवरेंड चार्ल्स अल्बर्ट टिंडले द्वारा रचित एक भजन या गॉस्पेल संगीत रचना थी जिसे पहली बार 1901 में प्रकाशित किया गया था. भारत में, प्रसिद्ध कवि गिरिजा कुमार माथुर ने “हम होंगे कामयाब” का हिंदी में शाब्दिक अनुवाद किया, जो 1970 और 1980 के दशक में, खासकर स्कूलों में एक लोकप्रिय देशभक्ति/आध्यात्मिक गीत बन गया.

सलमान खुर्शीद ने कहा,


अलग-अलग पार्टियों से होने के बावजूद आतंकवाद की निंदा करते हैं. हम जो संदेश लेकर आए हैं. यह एकता का संदेश है. हम कई पार्टियों से हैं. हम भारत के कई क्षेत्रों से हैं. हम भारत के कई धर्मों से हैं. लेकिन अगर आप देखना चाहते हैं कि जब राष्ट्र और अपनी मातृभूमि की बात आती है तो आप कैसे एक साथ आते हैं और कैसे आप एक स्वर में बोलते हैं.

यही हम दिखाने के लिए यहां आए हैं और यही वह चीज है जिसे हम प्रतिबद्धता से और अपने दिल की गहराई में बहुत दृढ़ता से महसूस करते हैं. यही वजह है कि हम यहां आपके सामने यह तस्वीर पेश करने के लिए एक साथ आए हैं.

उन्होंने कहा कि भारत में होने वाली रोजमर्रा की राजनीति से परे, सभी राजनेता मतभेदों से ऊपर उठते हैं और जब देश की सेवा की बात आती है तो एकजुट होते हैं और कई मायनों में जब हम आप सभी को मातृभूमि से जुड़े हुए देखते हैं.

भारत के रोजमर्रा के जीवन की राजनीति है, लेकिन जब हम देश की सेवा करने आते हैं तो हम उस राजनीति से ऊपर उठ जाते हैं. उन्होंने कहा कि जब सैनिक सीमाओं की रक्षा के लिए जाते हैं, तब भी उनकी एक ही भावना होती है- भारत माता की रक्षा करना.

जब लोग सीमा पर होते हैं, तो उनकी एक ही भावना होती है

पूर्व विदेश मंत्री ने कहा, “जब लोग देश की रक्षा के लिए, हमारे देश की सीमाओं की रक्षा के लिए युद्ध में जाते हैं. वे वहां मूल रूप से भारतीय के रूप में जाते हैं. उनकी अपनी आस्थाएं होती हैं. उनकी अपनी भाषाएं होती हैं, उनकी अपनी संस्कृतियां होती हैं, उनकी अपनी उपसंस्कृतियां होती हैं. लेकिन जब वे सीमा पर होते हैं, तो उनकी एक ही भावना होती है और वह है भारत माता की रक्षा करना.”

सलमान खुर्शीद JDU सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जो वर्तमान में सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प और इसकी शून्य सहनशीलता नीति को मजबूत करने के लिए भागीदार देशों का दौरा कर रहा है.

प्रतिनिधिमंडल ने अब तक इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर का दौरा किया है. इसमें भाजपा सांसद बृज लाल, प्रदान बरुआ, हेमंग जोशी और अपराजिता सारंगी; तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी; सीपीआई-एम के जॉन ब्रिटास; कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद; और मोहन कुमार शामिल हैं.


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-भारत एक्सप्रेस



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