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By Shubhra Rai
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और सीएम ममता बनर्जी
Sandeshkhali Violence in West Bengal : पश्चिम बंगाल में नॉर्थ 24 परगना जिला में संदेशखाली यौन उत्पीड़न मामले को लेकर कोहराम मचा हुआ है. आज (16 फरवरी) को भाजपा डेलिगेशन ने संदेशखाली जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. उनके वापस लौटने के बाद कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी वहां पहुंचे. हालांकि, पुलिस ने उन्हें भी संदेशखाली जाने से रोका.
अधीर रंजन चौधरी के साथ जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हुई. इसके बाद अधीर रंजन रामपुर में धरने पर बैठ गए. अधीर रंजन ने मीडिया से बाचतीत में कहा कि यहां (संदेशखाली में) पुलिस और सत्तारूढ़ पार्टी (TMC) के अपराधी मिलकर महिलाओं पर अत्याचार कर रहे हैं. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “ये सिलसिला आज से नहीं बल्कि महीनों और सालों से चला आ रहा है.”
अधीर रंजन चौधरी ने बंगाल में ममता बनर्जी की सत्तारूढ़ पार्टी (TMC) को निशाने पर लेते हुए कहा- हम जानना चाहते हैं कि संदेशखाली की असली घटना क्या है? वास्तव में वहां क्या हुआ कि लोगों को वहां जाने से रोका जा रहा है? ममता बनर्जी को जवाब देना होगा. शाहजहां और उनके समर्थक सभी TMC के प्रोडक्ट हैं.
कांग्रेस नेता अधीर रंजन से पहले बंगाल में भाजपा की 6 सदस्यीय टीम को भी आज सुबह संदेशखाली जाने से रोका गया. उस 6 सदस्यीय टीम की संयोजक और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा- “हम पीड़ित बहनों को न्याय दिलाना चाहते हैं. जितनी मुस्तैदी से हमें रोका गया, अगर उसी मुस्तैदी से आरोपियों को पकड़ा जाता तो ये दिन नहीं देखना पड़ता. शेख के गुंडे महिलाओं को प्रताड़ित कर रहे थे. वे (महिलाएं) न्याय की गुहार लगा रही थीं.”
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