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बसपा सांसद अतुल राय की जमानत याचिका पर SC ने यूपी सरकार को जारी किया नोटिस, पढ़ें क्या है पूरा मामला

मई 2019 में युवती ने उत्तर प्रदेश में घोसी के सांसद अतुल राय के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. इसके बाद नवंबर 2020 में बसपा नेता के भाई ने वाराणसी में युवती के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कराया था.

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट.

घोसी से बसपा सांसद अतुल राय की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. अदालत ने 4 सप्ताह में जवाब मांगा है.

उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली एक 24 वर्षीय युवती ने अतुल राय पर बलात्कार का आरोप लगाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के बाहर अपने पुरुष दोस्त के साथ आत्महत्या करने की कोशिश की थी, जिसके बाद दोनों को गंभीर हालत में राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 9 दिनों के बाद दोनों की मौत हो गई थी.

ये है आरोप

मई 2019 में युवती ने उत्तर प्रदेश में घोसी के सांसद अतुल राय के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने वाराणसी में अपने आवास पर उसके साथ बलात्कार किया था. इस आरोप के एक महीने बाद उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया था.

इसके बाद नवंबर 2020 में बसपा नेता के भाई ने वाराणसी में युवती के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कराया था. तब अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जब पुलिस ने कथित तौर पर अदालत को बताया था कि वह लापता है.

इसके बाद युवती और उसका दोस्त दिल्ली आए और 16 अगस्त 2021 को खुद को आग लगाने से पहले फेसबुक लाइव किया. वीडियो में उन्होंने पुलिस पर सांसद और उनके रिश्तेदारों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया. दोनों ने कहा था कि उन्हें न्याय की कोई उम्मीद नहीं है.

अतुल राय इस मामले में यूपी पुलिस द्वारा दायर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में भी आरोपी हैं. मामला दर्ज होने के बाद वह फरार हो गए थे, हालांकि लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने सरेंडर कर दिया था.


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10 दिनों में सरेंडर के दिए थे आदेश

इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेडिकल आधार पर 29 जनवरी को अतुल राय को अंतरिम जमानत दे दी थी. हालांकि शर्तों का पालन नहीं किए जाने पर बीते 17 मई को हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत को बढ़ाए जाने की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए उन्हें 10 दिनों में सरेंडर करने को कहा था.

-भारत एक्सप्रेस



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