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आतंकी गुट शहजाद भट्टी नेटवर्क का खात्मा, 200 से अधिक दहशतगर्द गिरफ्तार- गृह मंत्री अमित शाह

स्वतंत्रता दिवस से पहले आईएसआई समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी बहु-राज्यीय कार्रवाई कर इस आतंकी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है.

स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित तौर पर जुड़े शाहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) के खिलाफ देशभर में बड़ा अभियान चलाया है. इस कार्रवाई के दौरान 14 राज्यों में एक साथ छापेमारी और जांच की गई. अधिकारियों के मुताबिक, अभियान में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि नेटवर्क से जुड़े मामलों में अब तक 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक एफआईआर भी दर्ज की हैं.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सीमा-पार आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. उनके मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस से पहले की गई यह कार्रवाई इसी नीति का हिस्सा है और इसका मकसद किसी भी संभावित आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम करना है.

सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस के बीच रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था के जरिए 12 अगस्त को यह समन्वित अभियान चलाया गया. कार्रवाई उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में की गई.

सबसे ज्यादा लोगों को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया, जहां 62 लोगों को हिरासत में लिया गया. इसके बाद हरियाणा में 52 और दिल्ली में 51 लोगों पर कार्रवाई हुई. पंजाब में 44, राजस्थान में 15 और महाराष्ट्र में 8 लोगों को हिरासत में लिया गया. उत्तराखंड से 5, जबकि कर्नाटक, गुजरात और बिहार से 3-3 लोगों को पकड़ा गया. तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में 2-2 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई. दिल्ली और कर्नाटक में इस अभियान के दौरान नई एफआईआर भी दर्ज की गई हैं.

हथियार और निगरानी का सामान बरामद

गृह मंत्री के मुताबिक, जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को हथियारों और विस्फोटक सामग्री के साथ-साथ निगरानी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी मिले हैं. इनमें आईईडी, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड शामिल हैं. इसके अलावा ऐसे सीसीटीवी कैमरे भी बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर रेकी और निगरानी के लिए किया जा रहा था.

जांच एजेंसियों का आरोप है कि शाहजाद भट्टी नेटवर्क स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की जानकारी जुटाता था. इसके लिए रेकी करवाई जाती थी और कुछ जगहों पर निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाने की बात सामने आई है.

हमले और टारगेट किलिंग की साजिश का आरोप

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, एसबीएन का संबंध पाकिस्तान स्थित आईएसआई से बताया जा रहा है. एजेंसियों का आरोप है कि यह नेटवर्क भारत में ग्रेनेड, आईईडी और पेट्रोल बम से हमले कराने तथा टारगेटेड किलिंग जैसी गतिविधियों की साजिश में शामिल रहा है. स्थानीय सहयोगियों को पैसे देकर कथित तौर पर अलग-अलग जगहों की जानकारी जुटाने और संभावित ठिकानों की निगरानी कराने का आरोप भी है.

स्वतंत्रता दिवस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एजेंसियों ने इस नेटवर्क से जुड़ी किसी भी संभावित गतिविधि को रोकने के लिए पहले से ही निगरानी बढ़ा दी थी. इसी तैयारी के तहत केंद्रीय और राज्य स्तर की एजेंसियों के बीच खुफिया सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान किया गया.

कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

अब तक इस नेटवर्क के खिलाफ दर्ज मामलों में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हथियारों, विस्फोटक सामग्री और निगरानी उपकरणों की बरामदगी मामले की जांच में अहम सुराग दे सकती है. पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड मिलने को एजेंसियां सीमा-पार कनेक्शन की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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