Maulana Shahabuddin On Akhilesh Yadav: यूं तो SIR भारत में एक सामान्य प्रक्रिया है. इस निश्चित समय में चुनाव आयोग इसे कराकर वोटर लिस्ट को सही करता है. हालांकि, मोदी सरकार के दौरान इस प्रक्रिया के आने के कारण इस पर कई सावल और सियासी घमासन मचा हुआ है. इंडी गठबंधन के कई नेता इसे लेकर लगातार बयान दे रहे हैं. वहीं कई लोग तो इसे वोट चोरी और मुसलमानों के खिलाफ बता रहे हैं. हालांकि, इसका उनका जवाब भी मिल रहा है. इसीक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को बरेलवी मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने जमकर झाड़ दिया है. उन्होंने EC का असल मकसद भी समझाया है.
अखिलेश यादव को बनाया निशाना
बरेलवी मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि भारत निर्वादन आयोग द्वारा शुरू किया गया एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कार्यक्रम पूरी तरह निष्पक्ष और प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य देशभर में मतदाता सूची को दुरुस्त करना है, न कि किसी भी प्रकार का हिन्दू, मुस्लिम विभाजन पैदा करना.
समझाया SIR का उद्देश्य
मौलाना रजवी ने कहा कि निर्वाचन आयोग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किस क्षेत्र में कितने वास्तविक मतदाता हैं, कितने लोग स्थानांतरित हो चुके हैं और किन लोगों का निधन हो गया है. इस कार्य के लिए हजारों बीएलओ और सरकारी कर्मचारियों को तैनात किया गया है. इसके बावजूद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव इस प्रक्रिया को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं और यह आरोप लगा रहे हैं कि मुसलमानों के वोट काटे जा रहे हैं, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है.
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मुसलमानों की सक्रियता
मौलाना रजवी ने कहा कि भारत के इतिहास में यह पहली बार देखने को मिला है कि मुसलमानों ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी और सजगता के साथ एसआईआर प्रक्रिया में हिस्सा लिया. देश के अलग-अलग हिस्सों में मजदूरी करने वाले मुसलमानों ने अपने परिवारों से संपर्क कर फार्म भरवाए, बीएलओ से निरंतर संवाद रखा, कमियों को दूर किया और फार्म जमा कर उसकी रसीद सुरक्षित रखी.
मुसलमानों से सहयोग की अपील
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अंत में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सभी नागरिकों को चुनाव आयोग की SIR जैसी प्रक्रियाओं में सहयोग करना चाहिए और राजनीतिक दलों को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचना चाहिए.
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