देश की राजनीति में इन दिनों ‘SIR विवाद’ सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है. संसद के भीतर जबरदस्त हंगामे के बाद अब यह संघर्ष सड़कों पर उतर आया है. कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए साफ किया है कि अब यह लड़ाई केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव-गांव और गली-गली तक पहुँचेगी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में आंदोलन को जनांदोलन में बदलने की रणनीति बनाई गई है.
संसद से चुनाव आयोग तक पैदल मार्च
SIR विवाद के विरोध में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने कल संसद से चुनाव आयोग तक पैदल मार्च किया. इस मार्च में राहुल गांधी (Rahul Gandhi), प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi), मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए. लगभग 300 से अधिक सांसद और वरिष्ठ नेता इस प्रदर्शन में शरीक थे. लेकिन दिल्ली पुलिस ने मार्च को रोकते हुए कई नेताओं को PTI कार्यालय के पास हिरासत में ले लिया. इस कार्रवाई से विपक्ष का आक्रोश और भड़क उठा और कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया.
आज शाम कांग्रेस मुख्यालय में हुई बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, सभी प्रदेश प्रभारी, महासचिव, मौजूद रह रहे . इस बैठक का एजेंडा एक ही था — SIR विवाद पर व्यापक जन समर्थन जुटाना और आंदोलन को हर कोने तक पहुँचाना.
बैठक से निकले तीन बड़े फैसले
1. 14 अगस्त: मशाल जुलूस
देशभर के जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) कार्यालयों से शाम के समय मशाल जुलूस निकाले जाएंगे. उद्देश्य है जनता को SIR मुद्दे के प्रति जागरूक करना और संघर्ष का संदेश फैलाना.
2. 22 अगस्त से 7 सितम्बर: “वोट चोर, गद्दी छोड़” रैलियाँ
सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के नेतृत्व में बड़े स्तर पर जनसभाएँ और रैलियाँ आयोजित होंगी. क्षेत्रीय विपक्षी दलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा ताकि आंदोलन को साझा स्वरूप मिल सके.
3. 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर: देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान
घर-घर जाकर जनता से समर्थन मांगा जाएगा. एक करोड़ से अधिक हस्ताक्षर इकट्ठा कर राष्ट्रपति और चुनाव आयोग को सौंपे जाएंगे.
‘लड़ाई अब जनता की है’ — कांग्रेस का एलान
बैठक के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने एक सुर में कहा कि SIR के खिलाफ यह लड़ाई अब जन संघर्ष का रूप ले चुकी है. पार्टी ने दावा किया है कि लाखों कार्यकर्ता इस आंदोलन में भाग लेंगे और इसे हर गली-मोहल्ले तक पहुँचाया जाएगा. कांग्रेस का मानना है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की रक्षा की लड़ाई है.
SIR विवाद को लेकर कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अब वह किसी भी सूरत में पीछे हटने वाली नहीं है. संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है. आने वाले दिनों में कांग्रेस की ये रणनीतियाँ कितना असर डालती हैं, यह देखना दिलचस्प होगा.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


