Jodhpur family reunion: जोधपुर के एक परिवार में लंबे इंतजार और कई कठिनाइयों के बाद बहू रक्षा सुथार का गृह प्रवेश हुआ. भारत-पाकिस्तान वीजा समस्याओं के कारण सालों तक अलग रहने के बाद, नेपाल में शादी और कई प्रयासों के बाद उन्हें वीजा मिला. इस दौरान परिवार ने कई संघर्ष झेले, लेकिन अंत में खुशियों से घर भर गया. चलिए जानते है पूरा मामला:
कई प्रयासो के बाद गृह प्रवेश हुआ
जोधपुर के पाल क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के लिए रविवार बहुत खास और भावुक रहा, जब उनकी बहू रक्षा सुथार का गृह प्रवेश हुआ क्योंकि बहुत वर्षों के इंतजार और संघर्ष के बाद यह संभव हो पाया. दरअसल, इस परिवार की कहानी करीब 15 साल पुरानी है.
वर्ष 2011 में पाकिस्तान से भारत आकर बसे इस परिवार ने पहले ही अमित सुथार की सगाई पाकिस्तान में तय कर दी थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच वीजा संबंधी जटिलताओं के कारण यह रिश्ता लंबे समय तक अधूरा ही रहा.
2 जून 2025 को दोनों ने सात फेरे लिए
अमित सुथार पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि रक्षा सुथार ने पाकिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई की है. दोनों परिवारों ने कई बार वीजा पाने की कोशिश की, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी. आखिरकार, उन्होंने एक अलग रास्ता अपनाया और नेपाल को अपने मिलन का माध्यम बनाया.
दूल्हा भारत से और दुल्हन पाकिस्तान से नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे, जहां 2 जून 2025 को दोनों ने सात फेरे लिए.
परिवार वालो में खुशियों का माहौल
हालांकि शादी के बाद भी मुश्किलें खत्म नहीं हुईं. Visa ना मिलने की वजह से अमित जोधपुर लौट आए, जबकि रक्षा को वापस पाकिस्तान जाना पड़ा. पूरे एक साल के लंबे इंतजार के बाद गृहमंत्री अमित शाह और गजेंद्र सिंह शेखावत की मदद से रक्षा को वीजा मिला. इस घटना के बाद परिवार वालो में खुशियों का माहौल है.
-भारत एक्सप्रेस
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