नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) हमेशा अपने साहस और शांत आत्मविश्वास के लिए जानी जाती हैं. बोइंग के स्टारलाइनर पर उनकी टेस्ट फ्लाइट महज दस दिन की होनी थी, लेकिन यह मिशन अप्रत्याशित रूप से खिंचकर नौ महीने से भी ज्यादा समय तक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर चला गया. इस दौरान कई सवाल उठे कि क्या वह फंस गई थीं या मिशन में कोई बड़ी गड़बड़ी हुई थी?
स्टारलाइनर की चुनौतियां
बता दें, स्टारलाइनर बोइंग का पहला मानवयुक्त मिशन था. सभी को उम्मीद थी कि टेस्ट फ्लाइट में कुछ तकनीकी दिक्कतें आएंगी, लेकिन थ्रस्टर की समस्या ने मिशन को लंबा कर दिया. अंतरिक्ष यान तय योजना के अनुसार वापस नहीं लौट सका. विलियम्स (Sunita Williams) ने कहा कि उन्हें पता था कि वे अंतरिक्ष स्टेशन की टीम का हिस्सा बनेंगी और चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा.
‘वापसी का विकल्प हमेशा मौजूद’
जब उनसे पूछा गया कि क्या कभी उन्हें लाचार महसूस हुआ तो उन्होंने (Sunita Williams) साफ कहा कि वापसी का विकल्प हमेशा मौजूद था. उन्होंने बताया कि वह और उनके साथी बुच विलमोर जरूरत पड़ने पर खुद से डॉकिंग करने के लिए पूरी तरह तैयार थे और इसके लिए उन्होंने पहले से पर्याप्त अभ्यास भी किया था. अगर किसी वजह से स्टेशन को खतरा होता तो वे तुरंत पीछे हटकर सुरक्षित लौटने की कोशिश करते. सुनीता (Sunita Williams) ने जेर देकर कहा कि अंतरिक्ष में हर चुनौती को क्रमवार तरीके से सुलझाया जाता है और उन्हें भरोसा था कि वे सही मौके पर सही जगह पर मौजूद थीं.
चांद की ओर नजर
मिशन की कठिनाइयों के बावजूद उनका उत्साह कम नहीं हुआ. आर्टेमिस II मिशन के बारे में बात करते हुए उन्होंने (Sunita Williams) कहा कि वह बेहद उत्साहित हैं. उनके अनुसार, चंद्रमा पर उतरने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है और इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.
चांद पर जाना चाहती हूं- विलियम्स
60 वर्षीय विलियम्स (Sunita Williams) हाल ही में नासा से रिटायर हुई हैं. उन्होंने तीन अलग-अलग रॉकेटों से तीन मिशन पूरे किए और कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए. इसके अलावा उन्होंने (Sunita Williams) नौ स्पेसवॉक किए, जिनमें 62 घंटे का समय शामिल है. मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि चांद पर जाना चाहती हूं लेकिन मेरे पति शायद मार डालेंगे.
युवाओं से क्या अपील की?
सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) को भारत में ‘गोद ली हुई बेटी’ कहा जाता है. उनकी गुजराती विरासत और भारतीय संस्कृति से गहरा जुड़ाव है. उन्होंने भारत के गगनयान मिशन का समर्थन करते हुए कहा कि भारत की अगली छलांग महत्वाकांक्षा, तकनीक और टीम वर्क से ही संभव होगी. उन्होंने युवाओं से विज्ञान और गणित में आगे आने की अपील की.
ये भी पढ़ें-एक्शन में नितिन नबीन: पहले साइन में उत्तर से दक्षिण तक उतारे BJP वजीर; राम माधव-तावड़े का कद बढ़ा
समोसा और संस्कृति
विलियम्स (Sunita Williams) अपनी भारतीय पहचान को अंतरिक्ष में भी साथ ले गईं थीं. उन्हें ‘समोसा खाने वाली अंतरिक्ष यात्री’ कहा जाता है और वह इस उपाधि को खुशी से स्वीकार करती हैं. उन्होंने मजाक में कहा कि वह एक दिन चांद पर समोसा देखना चाहती हैं. अपने मिशनों में वह भगवान गणेश की मूर्ति, भगवद गीता और भारतीय स्नैक्स भी साथ ले जाती थीं. उन्होंने कहा कि भगवान गणेश हमेशा उनके साथ रहे और उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ते रहे.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





