Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG परीक्षा में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को लागू करने का निर्देश दिया

NEET: सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को लागू करने का आदेश दिया और मामले की सुनवाई तीन महीने के लिए स्थगित कर दी.

NEET PG 2024

NEET UG परीक्षा मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नीट यूजी परीक्षा को लेकर विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को लागू करेंगे. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम सभी सिफारिशें लागू करने जा रहे है और इसे 6 महीने बाद सूचिबद्ध किया जा सकता है. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस मनोज मिश्रा ने कहा कि इस मामले को तीन महीने के लिए स्थगित किया जाता है. कोर्ट अप्रैल में इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि पूरी रिपोर्ट को रिकॉर्ड में नही रखा गया है, क्योंकि इसमें प्रश्नों की छपाई आदि जैसे मुद्दों के बारे में कुछ डिटेल शामिल है. सरकार ने बीते साल नीट-यूजी का परीक्षा कराने वाली एनटीए के कामकाज की समीक्षा के लिए सात सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की थी.

नीट-यूजी परीक्षा को रद्द करने से इनकार

कोर्ट ने पिछले साल 2 अगस्त को विवादों से घिरे 2024 के नीट-यूजी परीक्षा को रद्द करने से इनकार कर दिया था और कहा था कि वर्तमान में रिकॉर्ड में कोई पर्याप्त सबूत नही है, जो परीक्षा की सुचिता भंग करने वाले सिस्टमैटिक लीक या कदाचार का संकेत दे.

कोर्ट ने 7 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के कार्यकाल को भी बढ़ाने का निर्देश दिया था. समिति के अध्यक्षता इसरो के पूर्व चीफ के राधाकृष्णन कर रहे हैं. इस समिति को परीक्षा को पारदर्शी बनाने और धांधली रहित बनाने की जिम्मेदारी सौपी गई है. समिति में रणदीप गुलेरिया, बीजे राव, राममूर्ति के, पंकज बंसल, आदित्य मित्तल और गोविंद जयसवाल भी शामिल है.

सरकार ने बनाई थी 7 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति

पिछले साल 21 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा सुधारों पर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए केंद्र द्वारा नियुक्त सात सदस्यीय विशेषज्ञ समिति को दी गई समय सीमा को बढ़ा दी थी. नीट-यूजी परीक्षा का आयोजन एनटीए द्वारा स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया जाता है.

विशेषज्ञ समिति के दायरे का विस्तार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के हजारीबाग में एक परीक्षा केंद्र में सुरक्षा चूक का जिक्र किया था, जहां स्ट्रांगरूम का पिछला दरवाजा खोला गया था और अनधिकृत लोगों को प्रश्नपत्रों तक पहुचने की अनुमति दी गई थी. कोर्ट ने ई-रिक्शा द्वारा प्रश्नपत्रों के गलत सेट के वितरण सहित एनटीए की कई खामियों को चिन्हित किया था.

ये भी पढ़ें: 70 वकीलों को वरिष्ठ वकील बनाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई, संशोधन का दिया निर्देश

-भारत एक्स्प्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital