सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर आशीष चंचलानी की ओर से दायर याचिका पर असम और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. यूट्यूबर आशीष चंचलानी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर गुवाहाटी में दर्ज एफआईआर को रद्द करने या उसे मुंबई ट्रांसफर करने की मांग की है. अधिवक्ता मंजू जेटली के माध्यम से दायर याचिका में चंचलानी ने असम के गुवाहाटी में साइबर थाने में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की है.
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ मामले में सुनवाई कर रही है. 12 फरवरी को गुवाहाटी हाई कोर्ट ने आशीष चंचलानी को अग्रिम जमानत देते हुए 10 दिन के भीतर जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा था. आलोक बोरुआ ने एफआईआर दर्ज कराई है. दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि चंचलानी, जसप्रीत सिंह, अपूर्व मुखीजा, रणवीर इलाहाबादिया, समय रैना और अन्य ने अश्लीलता को बढ़ावा दिया और शो में यौन रूप से स्पष्ट और अश्लील चर्चा में शामिल थे.
रणवीर अल्लाहबाड़िया को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत
चंचलानी के वकीलों ने हाई कोर्ट ने कहा था कि उनके मुवक्किल ने शो में कुछ भी नहीं कहा था और एफआईआर में आरोप केवल सह-आरोपियों के खिलाफ लगाए गए थे. इससे पहले यू-ट्यूबर रणवीर अल्लाहबाड़िया को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई थी. रणवीर और चंचलानी सहित अन्य रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट शो में नजर आए थे. शो में कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है.
इस आरोप में मुंबई कमिश्नर और महाराष्ट्र महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है और पत्र में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है.यू-ट्यूबर रणवीरइलाहाबादिया और अन्य के खिलाफ जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, वे है-बीएनएस की धारा 79, धारा 186, धारा 299, धारा 296, धारा 3(5) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 67 शामिल है. दरअसल, रणवीर इलाहाबादिया द्वारा एक प्रतियोगी से ये अपमानजनक सवाल पूछे जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया, ” अपने माता-पिता को जीवन भर हर दिन सेक्स करते हुए देखना, या फिर एक बार शामिल होकर इसे हमेशा के लिए बंद कर देना.
-भारत एक्सप्रेस
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