Bharat Express DD Free Dish

तथास्तु आईसीएस ने गुरुसंवाद 2026 के साथ मनाया शिक्षक दिवस

Tathastu ICS: शिक्षक दिवस के अवसर पर, तथास्तु आईसीएस ने गुरुसंवाद 2026 का आयोजन किया, यह एक विशिष्ट समारोह था जो युवा मन को गढ़ने और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने वाले शिक्षकों और मार्गदर्शकों को सम्मानित करने हेतु समर्पित था.

Tathastu ICS

Tathastu ICS

Tathastu ICS: शिक्षक दिवस के अवसर पर, तथास्तु आईसीएस ने गुरुसंवाद 2026 का आयोजन किया, यह एक विशिष्ट समारोह था जो युवा मन को गढ़ने और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने वाले शिक्षकों और मार्गदर्शकों को सम्मानित करने हेतु समर्पित था. इस कार्यक्रम ने प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, सिविल सेवकों, उद्यमियों और विचारकों को जेन ज़ी के साथ एक सार्थक संवाद में एक साथ लाया, जिसने युवा भारत को एक सशक्त और समावेशी भविष्य के निर्माण में विचारपूर्वक भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया.

संस्थान को श्री चिराग पासवान, माननीय केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री, भारत सरकार, को मुख्य अतिथि के रूप में और माननीय न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी, पूर्व न्यायाधीश, भारत का सर्वोच्च न्यायालय, को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित करते हुए गहरा सम्मान महसूस हुआ. इस अवसर की शोभा 100 से अधिक प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों ने बढ़ाई — कार्यरत और सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारी, उद्यमी, शिक्षाविद और शिक्षक, जिनमें श्री एन.एन.डी. दुबे, श्री के.सी. जैन और श्री हेमंत जैन शामिल थे — जिन्होंने दिनभर छात्रों के साथ खुलकर संवाद किया.

भारत की सबसे बड़ी संपत्ति नागरिकों का चरित्र

सभा को संबोधित करते हुए, न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी संपत्ति केवल उसकी जनसांख्यिकीय शक्ति नहीं, बल्कि उसके युवा नागरिकों का चरित्र है, और छात्रों से अपने जीवन को अनुशासन और सत्यनिष्ठा की नींव पर बनाने का आग्रह किया. उन्होंने याद दिलाया कि संवैधानिक मूल्य जीवंत सिद्धांत हैं जिन्हें व्यक्ति अपने पेशे, परिवार और समुदाय में साथ लेकर चलता है. उन्होंने शिक्षक को इस यात्रा के केंद्र में रखते हुए कहा कि हर सच्चरित्र नागरिक के पीछे एक गुरु खड़ा होता है.

चिराग पासवान ने बताया जीवन की यात्रा का अनुभव

माननीय केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने जीवन की यात्रा के अनुभवों के माध्यम से छात्रों से जुड़ाव बनाया. उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियाँ जीवन की योजना में बाधा नहीं, बल्कि उसका एक अनिवार्य हिस्सा हैं — कठिन दौर चरित्र को गढ़ते हैं, धैर्य सिखाते हैं और व्यक्ति के संकल्प की गहराई को उजागर करते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि असफलता केवल एक विराम है, पूर्णविराम नहीं. कठिन परिस्थितियों का सामना कैसे करें, इस पर बोलते हुए उन्होंने छात्रों से उद्देश्य की स्पष्टता, प्रयास की निरंतरता और फिर से शुरुआत करने का साहस बनाए रखने का आग्रह किया, और कहा कि जैसे-जैसे भारत विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है, राष्ट्र को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो न केवल सक्षम हों बल्कि लचीले भी हों.

इन लोगों ने की कार्यक्रम की मेजबानी

कार्यक्रम की मेजबानी करते हुए, डॉ. तनु जैन, पूर्व सिविल सेवक, तथास्तु आईसीएस की संस्थापक और लेखिका, ने उस पीढ़ी की सराहना की जो बहुत कम उम्र में असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर रही है — अपने शुरुआती बीसवें वर्ष में ही दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पास करना और उद्यम खड़े करना. उन्होंने कहा कि प्रतिभा उम्र का इंतजार नहीं करती; छात्रों को जिस चीज़ की जरूरत है वह है सही दिशा, संरचित मार्गदर्शन और एक ऐसा परितंत्र जो उन पर विश्वास करे.

उन्होंने बताया कि तथास्तु आईसीएस एक विश्वास पर आधारित है — कि किसी भी छात्र को डिग्री और सपने के बीच चुनाव नहीं करना चाहिए. इसके इंटीग्रेटेड बीए + यूपीएससी (तीन वर्ष), एमए + यूपीएससी और एमबीए + यूपीएससी कार्यक्रम, इसके फाउंडेशन कार्यक्रमों के साथ, छात्रों को स्नातक पूरा करते हुए सामान्य अध्ययन, वैकल्पिक विषयों, उत्तर लेखन और व्यक्तित्व विकास में एक मजबूत, पाठ्यक्रम-संरेखित नींव बनाने की अनुमति देते हैं — जिससे बहुमूल्य वर्ष बचते हैं और अभ्यर्थियों को स्नातक होने तक एक सुसज्जित मन मिलता है.

कार्यक्रम में पैनल चर्चाएँ, छात्रों के साथ एक संवादात्मक सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं, जिसका समापन शिक्षकों के सम्मान और एक साझा संकल्प के साथ हुआ — कि जैसे-जैसे भारत विकसित भारत की ओर बढ़ेगा, वह अपने शिक्षकों की शक्ति और अपने युवाओं के साहस के बल पर आगे बढ़ेगा.

ये भी पढ़ें- ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर: 2 करोड़ में बनी फिल्म ने 100 करोड़ कमा डाले; नीम करोली बाबा की भूमिका निभाकर क्यों परेशान हुए एक्टर?

तथास्तु आईसीएस के बारे में

तथास्तु आईसीएस एक अग्रणी सिविल सेवा तैयारी संस्थान है, जिसकी स्थापना डॉ. तनु जैन, पूर्व सिविल सेवक और लेखिका, ने की है, जिसके परिसर नई दिल्ली, ग्रेटर नोएडा और इंदौर में हैं. अपने इंटीग्रेटेड बीए + यूपीएससी, एमए + यूपीएससी और एमबीए + यूपीएससी कार्यक्रमों और फाउंडेशन पाठ्यक्रमों के लिए जाना जाने वाला यह संस्थान 5,000+ अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर चुका है, जिसमें सीएपीएफ में 200+ चयन और सिविल सेवाओं में अंतिम चयन का बढ़ता रिकॉर्ड शामिल है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read