भारतीय लोककला की सबसे बुलंद आवाजों में शुमार प्रख्यात पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मान से अलंकृत तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं, उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई. कला, संस्कृति और राजनीति जगत से जुड़े अनेक लोगों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल समेत कई नेताओं ने उनके निधन को भारतीय लोक संस्कृति के लिए बड़ी क्षति बताया.
अमित शाह बोले- कला जगत की अपूरणीय क्षति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई का जाना कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि अपनी विलक्षण प्रतिभा और अथक समर्पण से तीजन बाई ने पंडवानी जैसी लोककला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. अमित शाह ने उनके योगदान को अविस्मरणीय बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की.
पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई जी का निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। अपनी अद्वितीय प्रतिभा और समर्पण से उन्होंने पंडवानी लोककला को विशिष्ट पहचान दिलाई। छत्तीसगढ़ की इस लोककला के संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को…
— Amit Shah (@AmitShah) July 5, 2026
CM विष्णुदेव साय ने अस्पताल पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर एम्स पहुंचकर तीजन बाई के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि तीजन बाई का निधन केवल एक कलाकार का जाना नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है. मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार उनकी सेवाओं को सम्मान देते हुए उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ करेगी.
लोककला की महान साधिका थीं- योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी सशक्त अभिव्यक्ति और संगीत साधना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा ‘पंडवानी’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई. योगी ने कहा कि भारतीय लोककला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने मां दंतेश्वरी से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की.
ये भी पढ़ें: कौन थीं तीजन बाई? जिनके निधन से शोक में डूबा पूरा देश, पीएम मोदी और अमित शाह ने भी दी श्रद्धांजलि
हमेशा याद रहेंगी तीजन बाई
तीजन बाई ने अपने जीवन को लोककला के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया था. उन्होंने पंडवानी को गांवों की सीमाओं से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया. उनकी दमदार आवाज, मंच पर जीवंत प्रस्तुति और महाभारत की कथाओं को अनोखे अंदाज में सुनाने की शैली ने उन्हें करोड़ों लोगों के दिलों में खास जगह दिलाई. उनके निधन से भारतीय लोक संस्कृति ने एक ऐसी विरासत खो दी है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



