दिलीप जायसवाल
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव द्वारा चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में दस हजार रुपये दिए जाने को “रिश्वत” बताए जाने के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है. तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि वोट हासिल करने के लिए यह पैसा बांटा गया और आगे चलकर इसकी वसूली ‘श्मशान घाटों’ से की जाएगी.
इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेता बिना सोच-समझे बयान देने के आदी हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं के पास विकास को लेकर कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे केवल विवादित और भड़काऊ बयान देकर चर्चा में बने रहना चाहते हैं.
दिलीप जायसवाल ने आगे कहा कि बिहार सरकार का पूरा ध्यान गरीबों के कल्याण और विकास कार्यों पर है, लेकिन विपक्षी नेता बार-बार ऐसे बयान देकर माहौल को भटकाने की कोशिश करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब समझदार है और वह जानती है कि किसका ध्यान काम पर है और कौन सिर्फ राजनीति कर रहा है.
कानून-व्यवस्था पर भी जवाब
कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों पर मंत्री ने कहा कि तेजस्वी यादव को “कानून व्यवस्था” और “कानूनी प्रक्रियाओं” के बीच का फर्क समझना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि विपक्ष अक्सर इन दोनों मुद्दों को मिलाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करता है, जिससे उनकी समझ पर भी सवाल उठते हैं.
केंद्र सरकार की नीतियों का असर
इसी दौरान दिलीप जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि देश में लोगों की सोच और आदतों में बदलाव दिख रहा है. उन्होंने दावा किया कि सोने की खरीद को लेकर संयम बरतने और ईंधन का समझदारी से उपयोग करने जैसी अपीलों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है. उनके अनुसार, लोग अब स्थानीय उत्पादों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं और विदेशी सामान की खरीद में भी कमी आई है.
यूसीसी और राजनीतिक बयानबाज़ी
पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. दिलीप जायसवाल ने कहा कि हर राज्य सरकार को अपने स्तर पर कानून बनाने का अधिकार है, और पहले भी उत्तराखंड जैसे राज्यों में इस दिशा में कदम उठाए गए हैं. इसलिए राज्यों को अपने फैसले लेने की पूरी स्वतंत्रता है.
दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर लगाए गए “गुमशुदा” पोस्टरों पर भी उन्होंने टिप्पणी की. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी को लेकर लोगों की सोच पहले से ही गंभीर नहीं रही है, और इसी वजह से ऐसे पोस्टर लगाए जाते हैं.
ये भी पढ़ें- यूरोप में भीषण हीटवेव का कहर, 21 जून से 1,300 से ज्यादा मौतें; WHO ने जारी की गंभीर चेतावनी
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
