बिहार में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच चल रही सियासी जंग अब ‘सुरक्षा घेरे’ के मुद्दे पर चरम पर पहुंच गई है. आरजेडी (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नक्शेकदम पर चलते हुए उनके बेटे और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार को तगड़ा झटका दिया है. तेजस्वी यादव ने अपनी पूरी सरकारी सुरक्षा वापस लौटा दी है.
वर्तमान में दिल्ली में मौजूद तेजस्वी यादव की सुरक्षा में तैनात ‘Y प्लस’ कैटगरी की सिक्योरिटी टीम को वापस पटना बुला लिया गया है. पूरे लालू परिवार द्वारा सुरक्षा का यह ‘महा-बॉयकॉट’ नीतीश सरकार के खिलाफ आरजेडी की एक नई और आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
तेजस्वी ने चल दिया जवाबी दांव
इस पूरे विवाद की जड़ें जनवरी 2026 में हुई सुरक्षा समीक्षा से जुड़ी हैं. सरकार ने समीक्षा के बाद तेजस्वी यादव की ‘Z’ कैटेगरी की सुरक्षा को घटाकर ‘Y प्लस’ कर दिया था. तभी से आरजेडी के भीतर सुगबुगाहट तेज थी. हाल ही में जब लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में व्यापक कटौती की गई, तो पूरे परिवार ने इसे आत्मसम्मान का मुद्दा बना लिया. माता-पिता के कड़े कदम के तुरंत बाद दिल्ली में मौजूद तेजस्वी ने भी सुरक्षा लेने से साफ इनकार कर दिया और उनके घेरे में लगे जवान आनन-फानन में पटना लौट आए.
RJD का तीखा हमला
इस बड़े घटनाक्रम के बाद आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. शक्ति सिंह यादव ने गुस्से में कहा, “राबड़ी देवी पूर्व मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं, और लालू जी भी पूर्व सीएम रहे हैं.
इसके बावजूद पूरे परिवार की सुरक्षा काटी गई. आखिर सरकार की मंशा क्या है? क्या आप चाहते हैं कि लालू प्रसाद के पूरे परिवार को बीच चौराहे पर बुलडोज करा दें?” आरजेडी का साफ आरोप है कि सरकार बदले की नीयत से विपक्ष को डराने और कमजोर करने की घटिया राजनीति कर रही है.
बिहार में बढ़ेगा सियासी पार
आरजेडी प्रवक्ता ने यह भी याद दिलाया कि हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के वाहन को टक्कर मारने (ठोकने) की कोशिश की गई थी, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ाना तो दूर, उल्टा उसे घटा दिया गया. आरजेडी ने साफ किया है कि पहले सरकारी आवास को लेकर विवाद खड़ा किया गया और अब सुरक्षा छीनकर विपक्ष को खत्म करने की कोशिश हो रही है, जिसे बिहार की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ मानती है और इसका करारा जवाब देगी. इस ‘सिक्योरिटी पॉलिटिक्स’ ने आगामी चुनाव से पहले बिहार का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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