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बंगाल में कांपने लगे गरीबों को लूटने वाले! कूचबिहार में TMC नेता शाहिदुल मिया को पुलिस ने पलंग के नीचे से दबोचा; Video वायरल

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में टीएमसी नेता शाहिदुल मिया का कथित तौर पर बेड के नीचे छिपा वीडियो वायरल हुआ है. बीजेपी ने इसे कट-मनी भ्रष्टाचार से जोड़ा, जबकि मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं..

TMC Leader Viral Video Cooch Behar: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी और ऐतिहासिक हार के ठीक एक महीने बाद, पूरे सूबे से टीएमसी नेताओं के पतन की ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं जो किसी बड़े राजनीतिक ड्रामे से कम नहीं हैं. बंगाल की राजनीति का मिजाज अब पूरी तरह बदल चुका है और कल तक जनता पर धौंस जमाने वाले नेता अब अपनी जान बचाने के लिए चूहों की तरह छिपते फिर रहे हैं.

ऐसा ही एक शर्मनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो कूचबिहार के माथाभंगा से सामने आया है, जहां कथित ‘कट-मनी’ (कमिशनखोरी) घोटाले के आरोपी टीएमसी नेता शाहिदुल मिया (Shahidul Miah) जनता के गुस्से से बचने के लिए अपने ही घर में बेड के नीचे जा छिपे, जिन्हें बाद में पुलिस ने घसीटकर बाहर निकाला.

उग्र भीड़ ने घेरा ‘भ्रष्टाचारी’ नेता का घर(TMC Leader Viral Video Cooch Behar)

इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर शेयर करते हुए बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने टीएमसी के भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोला है. इनसाइड रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय ग्रामीणों ने सरकारी आवास योजनाओं के लाभार्थियों से 5,000 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक की अवैध ‘कट-मनी’ वसूलने के आरोप में टीएमसी नेता शाहिदुल मिया के घर को चारों तरफ से घेर लिया था.

 

जैसे ही जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा और भीड़ घर के अंदर घुसी, तो ‘नेताजी’ की सारी हेकड़ी हवा हो गई और वे सीधे पलंग के नीचे दुबक गए. आखिरकार मौके पर पहुंची पुलिस को उन्हें उग्र भीड़ से बचाकर बेड के नीचे से रेंगते हुए बाहर निकालना पड़ा.

काकाद्वीप से लेकर माथाभंगा तक एक ही कहानी

अमित मालवीय ने ममता सरकार के दौर में फले-फूले भ्रष्टाचार पर तंज कसते हुए लिखा कि काकाद्वीप से लेकर नामखाना और अब माथाभंगा तक, पूरे बंगाल में कहानी एक ही है-गरीबों का शोषण और अंधाधुंध करप्शन. लेकिन अब राज्य में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और केंद्रीय व स्थानीय जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है.

गिरफ्तारियों के बढ़ते दौर के बीच अब उन लोगों के लिए सिर छिपाने की जगह भी नहीं बची है, जिन्होंने कभी सत्ता के रसूख में आकर गरीब जनता के हक के पैसों पर डाका डाला था. अब तो इनके लिए अपने ही घर के बिस्तर के नीचे छिपना भी नामुमकिन हो गया है.

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बंगाल में आया तृणमूल का ‘पॉलिटिकल एंड’

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ठीक एक महीने पहले तक जो ममता बनर्जी बंगाल की निर्विवाद चेहरा थीं और जिनके पास प्रचंड विधायी शक्ति थी, चुनाव में बीजेपी के हाथों मिली करारी हार ने उनकी साख को पूरी तरह मटियामेट कर दिया है. सत्ता हाथ से जाते ही टीएमसी का यह मजबूत किला ताश के पत्तों की तरह ढह रहा है.

जनता का यह उग्र आक्रोश साफ गवाही दे रहा है कि बंगाल की जनता अब टीएमसी के सालों पुराने सिंडिकेट राज और कट-मनी के आतंक से पूरी तरह मुक्ति पा चुकी है और भ्रष्टाचारियों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर हिसाब ले रही है.

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-भारत एक्सप्रेस



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