TMC Rebellion: तृणमूल कांग्रेस में जारी उठापटक के बीच सांसद अभिषेक बनर्जी ने बागी नेताओं को सीधी चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि अगर सभी बागी नेता ममता बनर्जी के नेतृत्व को स्वीकार कर पार्टी में लौट आते हैं, तो वह एक घंटे के भीतर इस्तीफा दे देंगे. अभिषेक ने साफ कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं और अब उन्हें दोषी ठहरा रहे हैं वे दीदी के पास लौटकर दिखाएं.
बीजेपी से डील का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि बागी नेताओं ने बीजेपी के साथ समझौता कर लिया है. उन्होंने कहा कि पहले पार्टी छोड़ो, फिर अलग गुट या बीजेपी में शामिल हो जाओ और उसके बाद मुझे दोष दो. उनका कहना है कि अगर वास्तव में बगावत की वजह वे हैं तो बागी नेताओं के लौटते ही वह पद छोड़ देंगे.
बड़े नामों का इस्तीफा
इस संकट में कई बड़े चेहरे पार्टी से अलग हो चुके हैं. सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक जैसे राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है. वहीं काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में करीब 20 सांसदों ने एनडीए का समर्थन करने का दावा किया है. इनमें शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, शताब्दी रॉय, जून मालिया और यूसुफ पठान जैसे नाम शामिल हैं.
विधानसभा में बगावत
पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी टीएमसी को बड़ा झटका लगा है. 80 में से 64 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना चुके हैं. इस गुट ने खुद को असली टीएमसी बताते हुए चुनाव आयोग से पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा किया है. विधानसभा में पार्टी के दफ्तर पर भी कब्जा कर लिया गया है. ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता और विपक्ष का नेता चुना गया है.
मदन मित्रा का हमला
वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देकर बागी गुट का साथ दिया है. उन्होंने अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को ‘हिटलरशाही’ बताया और कहा कि एक व्यक्ति के नियंत्रण से पार्टी कमजोर हो रही है.
TMC दफ्तर पर बुलडोजर
इसी बीच दक्षिण 24 परगना प्रशासन ने आमतला स्थित अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय को ध्वस्त करना शुरू कर दिया. प्रशासन का कहना है कि यह इमारत बिना स्वीकृत नक्शे के बनाई गई थी. भारी सुरक्षा के बीच जेसीबी मशीनों से कार्रवाई की गई.
अभिषेक का पलटवार
अभिषेक बनर्जी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा कि कार्यालय वैध अनुमति के साथ बनाया गया था और बीजेपी के दबाव में इसे गिराया गया. उन्होंने कहा कि टीएमसी इस मामले को हाई कोर्ट और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएगी.
कानूनी लड़ाई और चेतावनी
अभिषेक ने दावा किया कि पार्टी ने मुख्य न्यायाधीश के ओएसडी को वीडियो सौंपे हैं जिनमें बीजेपी कार्यकर्ता तोड़फोड़ करते दिख रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 2031 में सत्ता बदली तो बीजेपी के दफ्तरों पर भी इसी तरह की कार्रवाई होगी. साथ ही उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रहे लोगों पर कानूनी कार्रवाई होगी.
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टीएमसी में बगावत और अभिषेक बनर्जी के बयान ने बंगाल की राजनीति को गरमा दिया है. एक तरफ पार्टी टूट रही है, दूसरी तरफ प्रशासनिक कार्रवाई ने विवाद को और गहरा कर दिया है. आने वाले दिनों में यह संकट और बड़ा रूप ले सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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