वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश एटीएस ने मोहम्मद तुफैल नाम के एक युवक को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है. तुफैल वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र के नवापुर, दोशीपुरा इलाके का रहने वाला है. जांच में सामने आया कि वह पिछले चार महीने से पाकिस्तान की एक महिला से संपर्क में था. यह महिला पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी की पत्नी है.
आतंकी संगठन से संबंध
एटीएस की जांच में खुलासा हुआ कि तुफैल पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक से जुड़े वीडियो व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर करता था. ये वीडियो संगठन के नेता मौलाना साद रिजवी से जुड़े थे.
पाकिस्तान से गहरे संपर्क
तुफैल पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर लगातार भारत विरोधी मैसेज शेयर करता था. वह गजवा-ए-हिंद, बाबरी मस्जिद का बदला और भारत में शरीयत कानून लागू करने जैसे संदेश फैलाता था.एटीएस के अनुसार तुफैल करीब 600 से ज्यादा पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों से जुड़ा हुआ था. फेसबुक के जरिए वह पाकिस्तान के फैसलाबाद की नफीसा नाम की महिला से बातचीत करता था.
देश की सुरक्षा को खतरा
तुफैल ने भारत के कई संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और जानकारी पाकिस्तान को भेजी थीं. इसमें दिल्ली का राजघाट, लाल किला, जामा मस्जिद, निजामुद्दीन दरगाह, और रेलवे स्टेशन जैसे स्थान शामिल हैं. वाराणसी में भी उसने ज्ञानवापी, संकट मोचन मंदिर, नमो घाट, विश्वनाथ मंदिर परिसर, और कैंट रेलवे स्टेशन जैसे स्थलों की डिटेल पाकिस्तान से साझा की.
स्थानीय नेटवर्क की जांच जारी
एटीएस अब यह पता लगा रही है कि तुफैल के संपर्क में वाराणसी में और कौन-कौन लोग थे. उसने किन-किन लोगों को पाकिस्तान समर्थित ग्रुप्स के लिंक भेजे और कितनी जानकारी लीक की, इस पर जांच जारी है. यह गिरफ्तारी देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है. एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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