Amit shah At Andaman Nicobar: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के विकास-कार्यों पर संबोधन दिया. उन्होंने कहा कि यह जगह पहले देश के पैसे खर्च करने वाली मानी जाती थी. लेकिन अब स्थिति बदल रही है. शाह ने विश्वास जताया कि अगले 10 साल में यह द्वीप देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देंगे. उन्होंने एक कार्यक्रम में बोलते हुए यह बात कही. यह बयान सोशल मीडिया पर शेयर किए गए उनके वीडियो से सामने आया है.
Whether it is the Great Nicobar Project or Scuba diving- Andaman and Nicobar is becoming the hub of trade and tourism. pic.twitter.com/3QTdsJ6Hf2
— Amit Shah (@AmitShah) January 3, 2026
ब्लू इकोनॉमी की बड़ी संभावनाएं
केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि अंडमान-निकोबार अब स्वतंत्रता, संप्रभुता और समुद्री शक्ति का केंद्र बन रहा है. यहां ब्लू इकोनॉमी की बड़ी संभावनाएं हैं. पर्यटन भी बढ़ रहा है. ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट और स्कूबा डाइविंग जैसे काम इसे व्यापार और पर्यटन का हब बना रहे हैं. शाह ने कहा कि सरकार विरासत बचाते हुए पूरे द्वीप को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में यह जगह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है.
नई न्याय संहिताओं पर प्रदर्शनी
केंद्रीय गृह मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे नई न्याय संहिताओं पर बनी प्रदर्शनी जरूर देखें. ये संहिताएं अंग्रेजों के पुराने कानूनों को बदल रही हैं. इससे नागरिकों के अधिकार और सम्मान की रक्षा होगी. द्वीप के लोग इसे देखकर आपराधिक न्याय प्रणाली में हो रहे बदलाव समझ सकेंगे.
गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति मिल रही
केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान का जिक्र किया. पीएम मोदी ने देशभर में गुलामी के प्रतीकों को हटाने का काम शुरू किया है. इसी के तहत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर द्वीप का नाम रखा गया. पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर श्रीविजयपुरम कर दिया गया. कई द्वीपों के नाम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखे गए. शाह ने कहा कि यह कदम आजादी के आंदोलन की स्मृतियों को बचाने में मदद करेंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री के बयानों से साफ है कि सरकार अंडमान-निकोबार को मजबूत बनाने पर फोकस कर रही है. यहां पर्यटन बढ़ाने के लिए नए प्रोजेक्ट चल रहे हैं. आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे रोजगार मिलेगा. द्वीप की रणनीतिक जगह का फायदा देश की सुरक्षा को भी होगा. लोगों ने सोशल मीडिया पर इन बयानों की सराहना की. कुछ ने विकास की उम्मीद जताई. यह दौरा 3 जनवरी 2026 को हुआ, जो द्वीपों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है.
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