यूपी उन्नाव 2017 रेप मामले में सजा काट रहे दोषी व भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सेंगर की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
अतुल सेंगर पर पीड़िता के पिता को प्रताड़ित करने का आरोप है, जिसकी हिरासत में मौत हो गई थी. सेंगर मुंह के कैंसर से पीड़ित है और उसे गहन इलाज की जरूरत है. वह उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई हत्या के मामले में 10 साल जेल की सजा काट रहा है.
दिल्ली हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अतुल सेंगर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. हाई कोर्ट ने पहले उसे मेडिकल आधार पर जमानत दी थी, लेकिन आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अतुल सेंगर अंतरिम जमानत के दौरान दिल्ली से बाहर नहीं जा सकता. इस दौरान किसी भी गवाह से संपर्क करने या उसे प्रभावित करने की कोशिश नहीं की जाएगी. साथ ही, उसे अपने मोबाइल की लोकेशन पिन ड्रॉप करनी होगी, ताकि सीबीआई उस पर नजर रख सके. अंतरिम जमानत की अवधि खत्म होते ही उसे सरेंडर करना होगा.
13 मार्च 2020 को तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में कुलदीप सेंगर, अतुल सेंगर और पांच अन्य को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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