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UP Board Result-2023: सपा नेता प्रभुदयाल वाल्मिकी ने 59 साल की उम्र में पास की 12वीं की परीक्षा, बोले- खाली बैठा था तो सोचा पढ़ लूं

UP News: मेरठ में समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि ने मंगलवार को जारी यूपी बोर्ड में इंटर की परीक्षा पास की है. उन्होंने बागपत के आदर्श इंटर कॉलेज जोहड़ा से प्राइवेट फार्म भरकर पढ़ाई पूरी की.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ प्रभुदयाल वाल्मिकी (फोटो सोशल मीडिया)

UP Board Result-2023: यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार सपा नेता और पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मिकी ने 59 साल की उम्र में 12वीं की परीक्षा पास कर ली है. इसको लेकर कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने नजीर प्रस्तुत की है कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती. वहीं कोई कह रहा है कि किसी भी उम्र में पढ़ाई शुरू करने को लेकर झिझक नहीं होनी चाहिए. बता दें कि भाजपा के पूर्व विधायक पप्लू भरतौल ने भी इंटर की परीक्षा 55 साल की उम्र में पास कर ली है.

खाली रहने के कारण पढ़ाई का मन बनाया

मेरठ में समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि ने बागपत के आदर्श इंटर कॉलेज जोहड़ा से 59 साल की उम्र में एक बार फिर से बारहवीं की पढ़ाई शुरू की थी. मंगलवार को जारी हुए यूपी बोर्ड के रिजल्ट में प्रभुदयाल वाल्मीकि का नाम भी शामिल रहा. इसके बाद उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई. इस मौके पर प्रभुदयाल वाल्मीकि ने मीडिया को बताया कि काफी समय से खाली रहने के कारण मन में आया की क्यों न पढ़ाई की जाए और फिर खाली समय में थोड़ा वक्त निकाल कर इंटर का प्राइवेट फर्म भर कर पढ़ाई शुरू कर दी.

उन्होंने बताया, “बागपत के आदर्श इंटर कॉलेज से प्राइवेट फार्म भरकर बोर्ड की परीक्षा दी थी. मंगलवार को जब परीक्षा का रिजल्ट आने वाला था तो सुबह से ही मन में बेचैनी थी और मैं बड़ा परेशान था. विचार कर रहा था कि अगर फेल हो गया तो क्या कहूंगा सबसे, लेकिन जब रिजल्ट आया और पास हो गया तो बहुत ही खुशी हुई.”

ये भी पढ़ें- UP Board Result: सेकंड डिवीजन से 12वीं में पास हुए 55 साल के पूर्व विधायक पप्पू भरतौल, बोले-फिर से कॉपी चेक करायेंगे

सपा सरकार में थे मंत्री

प्रभुदयाल वाल्मीकि 2012 में हस्तिनापुर सीट से सपा के बैनर तले विधानसभा का चुनाव जीते थे और विधायक बने थे. बता दें कि प्रभुदयाल वाल्मीकि लंबे समय तक सपा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं. तत्कालीन सपा सरकार ने उनके बढ़ते कद को देखते हुए राज्यमंत्री बना दिया था, फिर कुछ समय बाद उन्हें दर्जा प्राप्त मंत्री बनाया गया. हालांकि, 2017 में हस्तिनापुर से उन्होंने फिर चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के दिनेश खटीक से वह हार गए थे.

-भारत एक्सप्रेस



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