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UP News: कौशांबी एसपी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली महिला अपने बयान से पलटी, जानें, झूठ बोलने का पूरा सच, जांच टीम गठित

Kaushambi: महिला ने अपने ही आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि काम से निकाले जाने पर वह नाराज थी. इसलिए झूठ बोल दिया.

वीडियो ग्रैब

Kaushambi: उत्तर प्रदेश का कौशांबी जिला दो दिनों से छेड़छाड़ के एक मामले को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है. इसमें बड़ी बात ये है कि ये आरोप किसी आम व्यक्ति पर नहीं लगा है. यहां के एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव पर उनके घर में काम करने वाली नौकरानी ने छेड़खानी का आरोप सोमवार को लगाया था, लेकिन मंगलवार की सुबह ही वह अपने आरोपों से पलट गई है और कहा है कि काम से निकाले जाने के कारण वह नाराज थी. इसलिए उसने आरोप लगाया, लेकिन इससे पहले महिला के आरोप वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शासन स्तर तक के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में जांच टीम भी गठित कर दी गई थी.

बता दें कि एसपी के घर में झाड़ू-पोंछा का काम करने वाली एक महिला ने एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव पर छेड़खानी का आरोप लगाया था. इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी महिला का वीडियो वायरल हुआ था. इस घटना के वायरल होने के बाद पुलिस-प्रशासन एक बार फिर से शक के दायरे में आ गया था. सोमवार को महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था और आरोप लगाया था कि वह एसपी आवास पर काम करती है और शराब के नशे में एसपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की है. वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शासन स्तर पर हड़कम्प मच गया. आनन-फानन में देर रात ही डीजीपी के निर्देश पर जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके, लेकिन इससे पहले ही मंगलवार की सुबह महिला ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी गलती स्वीकार करते हुए झूठ बोलने की पूरी वजह भी बता दी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. महिला ने कहा कि, उससे गलती हो गई है. वह एसपी के घर में काम करती थी. प्लेट टूटने के कारण एसपी साहब की पत्नी ने उसे डांटकर घर से बाहर निकाल दिया था और काम करने से भी मना कर दिया था. इसी वजह से नाराज होकर उसने छेड़खानी का झूठा आरोप एसपी पर लगाया था. एसपी साहब की कोई गलती नहीं है.

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जांच टीम में शामिल हुए ये अधिकारी

बता दें कि मामला सामने आने के बाद सोमवार की देर रात को ही जांच टीम गठित कर दी गई थी, जिसमें आईजी चंद्रप्रकाश प्रयागराज (आईजी रेंज), आईपीएस वृंदा शुक्ला, एसपी चित्रकूट, आईएएस ईशा प्रिया सीडीओ प्रतापगढ़ को शामिल किया गया था और टीम का अध्यक्ष आईजी चंद्रप्रकाश को बनाया गया था. टीम को जांच कर चार दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था. ताकि इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके, लेकिन टीम के पड़ताल करने से पहले ही महिला अपने आरोपों से मुकर गई है और अब अपने आरोपों को ही निराधार बता रही है. फिलहाल देखना ये है कि अब जांच टीम इस मामले में क्या कदम उठाती है. जानकारी सामने आ रही है कि जांच टीम महिला के साथ ही एसपी का भी बयान दर्ज कर सकती है.

-भारत एक्सप्रेस

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