UP News: बिजली विभाग में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल के बीच का टकराव अब खुलकर सामने आ गया है. इस विवाद ने विभाग की कार्यप्रणाली और जनता पर पड़ने वाले असर को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
बिजली दरें बढ़ाने पर नाराजगी
मामला बिजली की दरों में बढ़ोतरी से जुड़ा है. ऊर्जा मंत्री ने चेयरमैन को पत्र लिखकर कड़ा विरोध जताया है. उनका कहना है कि बिना उनकी मंजूरी के बिजली बिल में सरचार्ज जोड़कर दरें बढ़ा दी गईं. मंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें इस फैसले की जानकारी आधिकारिक चैनलों से नहीं, बल्कि मीडिया रिपोर्ट्स और टीवी से मिली.
मंत्री का सीधा सवाल
चिट्ठी में मंत्री ने पूछा कि क्या जनता पर असर डालने वाले इतने बड़े फैसले से पहले उनसे राय लेना जरूरी नहीं समझा गया. उन्होंने आरोप लगाया कि चेयरमैन विभाग की जिम्मेदारी से बच रहे हैं और उन्हें कामकाज की जानकारी नहीं दी जा रही. साथ ही, बिना अनुमति के दफ्तर से अनुपस्थित रहने का भी आरोप लगाया गया.
कर्मचारियों की छंटनी पर सवाल
ऊर्जा मंत्री ने यह भी दावा किया कि विभाग में कुशल कर्मचारियों को जानबूझकर हटाया जा रहा है. उनके मुताबिक, इससे कामकाज प्रभावित हो रहा है और विभाग की व्यवस्था बिगड़ रही है.
प्रशासनिक दरार
मंत्री और चेयरमैन के बीच का यह टकराव प्रशासनिक स्तर पर गहरी दरार को दिखाता है. अगर शीर्ष स्तर पर ही संवाद और तालमेल की कमी रहेगी तो इसका सीधा असर जनता पर पड़ेगा. बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी और कर्मचारियों की छंटनी पहले ही चर्चा में थे, अब इस विवाद ने हालात और गंभीर बना दिए हैं.
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जनता पर असर
फिलहाल विभाग की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है. लेकिन यह विवाद साफ करता है कि यूपी के पावर सेक्टर में हलचल तेज़ हो गई है और आम जनता पर इसका बोझ बढ़ सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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