UPI यूजर्स के लिए बड़ी खबर है. अब आप फेस और फिंगरप्रिंट के जरिए पेमेंट कर सकेंगे. NPCI ने नए बायोमेट्रिक फीचर्स को मंजूरी दे दी है, जिससे UPI पेमेंट और भी आसान और सुरक्षित हो जाएगा. इस नए फीचर के बाद पिन की जरूरत नहीं पड़ेगी, यानी पेमेंट करना और भी आसान हो जाएगा. NPCI जल्द ही इसका यूजर मैनुअल और लागू होने की तारीख की जानकारी देगा. इस नए फीचर से UPI पेमेंट और भी यूजर-फ्रेंडली हो जाएगा.
क्या है नया फीचर?
- UPI पेमेंट करने के लिए अब पिन की जरूरत नहीं होगी
- फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन से पेमेंट होगा
- यह सुविधा देश के आधार सिस्टम में मौजूद बायोमेट्रिक डेटा के जरिए काम करेगी
- यूजर्स का बायोमेट्रिक डेटा मोबाइल में एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में स्टोर होगा.
- इसे कोई भी आसानी से एक्सेस या हैक नहीं कर सकेगा.
कैसे काम करेगा UPI?
जब आप पेमेंट करेंगे, तो मोबाइल का कैमरा और फिंगरप्रिंट स्कैनर एक्टिव हो जाएगा. आपकी पहचान आधार डाटाबेस से मैच की जाएगी. सब कुछ ठीक रहा, तो कुछ ही सेकंड में पेमेंट हो जाएगा.
किन्हें होगा फायदा?
- जो लोग बार-बार पिन भूल जाते हैं
- बुजुर्ग या तकनीक से कम परिचित लोग
- जो लोग जल्दी और बिना टाइप किए पेमेंट करना चाहते हैं.
कब से लागू होगा?
यह नया फीचर 8 अक्टूबर 2025 से लागू होगा. RBI ने डिजिटल पेमेंट के लिए वैकल्पिक ऑथेंटिकेशन तरीकों की अनुमति दी है. RBI का कहना है कि पिन आधारित सिस्टम में कई कमजोरियां होती हैं, जिन्हें दूर करने के लिए बायोमेट्रिक पहचान का इस्तेमाल किया जा सकता है.
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सुरक्षा और स्पीड बेहतर होगी
सूत्रों के अनुसार, पहले में यह सुविधा कुछ चुनिंदा बैंकों और वॉलेट ऐप्स में दी जाएगी. इसके बाद ट्रायल में सब बेहतर रहने पर इसे धीरे-धीरे यूजर्स तक पहुंचा दिया जाएगा. डिजिटल पेमेंट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से लोगों के खातों और पैसों की सुरक्षा और स्पीड दोनों बेहतर होगा. इससे देश में UPI इस्तेमाल करने वालों की संख्या में भी तेजी से इजाफा होगा.
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