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हरियाणा में फिर सुलग रही किसान आंदोलन की चिंगारी, भारत-US ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन

भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में हरियाणा में किसानों ने ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू कर दिया है. करनाल में किसानों और आशा वर्कर्स ने प्रदर्शन कर डीसी दफ्तर पर गिरफ्तारियां दीं.

US India Trade Deal Farmers Jail Bharo Andolan In Haryana KarnalUS India Trade Deal Farmers Jail Bharo Andolan In Haryana Karnal

Haryana Farmers Protest Against Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर देश के किसानों की चिंताएं फिर से सतह पर आ गई हैं. इस समझौते के विरोध में किसान संगठनों ने एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. 10 अगस्त को पूरे हरियाणा में ‘जेल भरो आंदोलन’ का आह्वान किया गया, जिसका जोरदार असर करनाल में देखने को मिला. यहां फुव्वारा चौक पर एकत्रित सैकड़ों किसानों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए सेक्टर-12 स्थित डीसी कार्यालय की ओर मार्च किया और अपनी गिरफ्तारियां दीं.

रोजी-रोटी पर संकट का डर

प्रदर्शन में शामिल किसान नेताओं का कहना है कि यह प्रस्तावित ट्रेड डील भारतीय कृषि और किसानों के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकती है. किसानों का आरोप है कि विदेशी कृषि उत्पादों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारतीय बाजार में छूट देने से देश के छोटे और मध्यम किसानों की आर्थिक कमर टूट जाएगी.

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किसान संगठनों का कहना है कि कृषि क्षेत्र को विदेशी नीतियों के दबाव में ढकेलने से फसल के वाजिब दाम मिलना बंद हो जाएंगे. उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार इस समझौते पर आगे बढ़ने से तुरंत रुके और देशी किसानों के हितों की रक्षा करे.

आशा वर्कर्स का मिला साथ

करनाल में आयोजित इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें केवल किसान ही नहीं, बल्कि आशा वर्कर और अन्य सरकारी कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में शामिल हुए. डीसी कार्यालय पहुंचे आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस ट्रेड डील पर पुनर्विचार नहीं करती और किसानों के हितों की गारंटी नहीं देती, तब तक यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है.

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-भारत एक्सप्रेस



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