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स्वाति मालीवाल से मारपीट मामले में विभव कुमार ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर हाईकोर्ट में दी चुनौती, 31 मई को होगी सुनवाई

विभव कुमार को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था और उसी दिन मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

Bibhav Kumar

बिभव कुमार की न्यायिक हिरासत 13 सितंबर तक के लिए बढ़ी.

Rohit Rai Edited by Rohit Rai

आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल से मारपीट मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए विभव कुमार ने अपनी गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताया है और उसे अवैध घोषित करने की मांग की है। साथ ही इससको लेकर मुआवजा देने एवं गिरफ्तारी के लिए जिम्मेवार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की है। हाईकोर्ट उनकी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।

31 मई को होगी सुनवाई

बिभव की याचिका पर तत्काल सुनवाई का हाईकोर्ट से आग्रह किया गया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन एवं न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने सुनवाई 31 मई के लिए निर्धारित कर दी। उनके अधिवक्ता रजत भारद्वाज ने गिरफ्तारी को सीआरपीसी की धारा 41ए का उल्लंघन बताया है। इससे पहले एक सत्र अदालत ने सोमवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि मालीवाल की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने में कोई पूर्व नियोजित मंशा नहीं थी और उनके आरोपों को खारिज नहीं किया जा सकता है।

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मालीवाल ने लगाए हैं ये आरोप

स्वाती मालीवाल ने आरोप लगाया है कि कुमार ने 13 मई को दिल्ली के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर उनके साथ मारपीट की। उन्हें 18 मई को गिरफ्तार किया गया था और उसी दिन मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। पिछले शुक्रवार को उन्हें चार दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और 28 मई को उन्हें तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। कुमार के खिलाफ 16 मई को आईपीसी की कई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उसमें किसी महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से आपराधिक धमकी, हमला या आपराधिक बल का प्रयोग और गैर इरादतन हत्या का प्रयास शामिल है



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