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अमित शाह का ‘मास्टरस्ट्रोक’: ‘वाइब्रेंट विलेज-2’ से चमकेगी जैसलमेर की किस्मत, 30 सरहदी गांवों की बदलेगी तस्वीर!

Vibrant Villages Scheme 2.0: गृह मंत्रालय की वाइब्रेंट विलेज योजना-2 के तहत राजस्थान के जैसलमेर जिले के 30 सीमावर्ती गांवों को विकास कार्यों के लिए मंजूरी दी गई है.

Vibrant Villages Scheme 2.0: भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे जैसलमेर जिले के गांवों में अब विकास की रफ्तार तेज होने वाली है. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की वाइब्रेंट विलेज योजना-2 के तहत जिले के 30 सीमावर्ती गांवों को विभिन्न विकास कार्यों के लिए मंजूरी दी गई है. इस योजना का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है.

सड़क, बिजली और नेटवर्क जैसी सुविधाओं पर फोकस

योजना के तहत गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. इसके अलावा 4जी मोबाइल नेटवर्क, टेलीविजन कनेक्टिविटी और डिजिटल सुविधाओं को भी मजबूत किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को आधुनिक सेवाओं का लाभ मिल सके.

हर गांव में होगा विशेष विकास कार्य

जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल के अनुसार, चयनित गांवों में करीब 90 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य किए जाएंगे. इनमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल कनेक्टिविटी और पर्यटन से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

योजना में सबसे अधिक 26 गांव सम ब्लॉक से चुने गए हैं. इसके अलावा नाचना ब्लॉक का भारेवाला गांव और मोहनगढ़ ब्लॉक के शास्त्रीनगर, बाहला तथा भूटोवाला गांव भी शामिल किए गए हैं. सभी गांवों के लिए अलग-अलग विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम हो सके.

पलायन रोकने और पर्यटन बढ़ाने की पहल

योजना का एक बड़ा लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकना है. बेहतर सुविधाएं मिलने से लोग अपने गांवों में ही रोजगार और बेहतर जीवन की संभावनाएं तलाश सकेंगे. साथ ही पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने की भी तैयारी है.


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हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती गांवों के विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया था. प्रशासन का मानना है कि योजना के सफल क्रियान्वयन से ये गांव केवल सीमा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विकास, पर्यटन और आत्मनिर्भरता के नए केंद्र के रूप में उभरेंगे. इससे ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर होगा और सीमा क्षेत्र की मजबूती भी बढ़ेगी.

-भारत एक्सप्रेस



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