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BJP नेता के मर्डर मामले में नप गए माननीय, कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी समेत 17 लोग दोषी करार

Karnataka News: बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने 15 अप्रैल को एक अहम फैसले में पूर्व मंत्री और वर्तमान कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी समेत 17 लोगों को 2016 में धारवाड़ में एक युवा बीजेपी नेता की हत्या के मामले में दोषी ठहराया है.

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Karnataka News: बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने 15 अप्रैल को एक अहम फैसले में पूर्व मंत्री और वर्तमान कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी समेत 17 लोगों को 2016 में धारवाड़ में एक युवा बीजेपी नेता की हत्या के मामले में दोषी ठहराया है.

अदालत ने विनय कुलकर्णी को भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत आपराधिक साजिश और हत्या, दोनों गंभीर आरोपों में दोषी पाया. यह मामला लंबे समय से राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ था.

हालांकि, अदालत ने विनय कुलकर्णी और चंद्रशेखर इंडी को आर्म्स एक्ट 1959 के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया है.

ये लोग ठहराये गए दोषी

इस मामले में विक्रम बल्लारी, कीर्ति कुमार बसवराज कुरहट्टी, संदीप सौदात्ती, विनायक कटगी, महाबलेश्वर होंगल उर्फ ​​मुदुका, संतोष सौदात्ती, दिनेश एम., अश्वथ, सुनील, नजीर अहमद, शाहनवाज, नूतन, हर्षित, चन्द्रशेखर इंदी, विकास कलबुर्गी और चन्नकेशव बी. तिंगरीकर को दोषी ठहराया गया है. अब इस मामले में सजा को लेकर 16 अप्रैल को अदालत में फिर बहस होगी.

क्या है मामला?

धारवाड़ से विधायक विनय कुलकर्णी (Vinay Kulkarni) का नाम साल 2016 में बीजेपी नेता योगेश गौड़ा गौडर की सनसनीखेज हत्या के मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था. यह मामला शुरुआत में स्थानीय पुलिस के पास था, लेकिन बढ़ते विवाद और पीड़ित परिवार के दबाव के बाद जांच को सीबीआई को सौंप दिया गया.

लंबे समय तक चले इस केस में हाल ही में फरवरी 2026 के अंत में Supreme Court ने कुलकर्णी को जमानत दे दी थी. इससे पहले गवाहों को प्रभावित करने के आरोपों के चलते उनकी जमानत रद्द की जा चुकी थी.

सीबीआई की जांच के मुताबिक, हमलावरों ने हत्या को अंजाम देने से पहले योगेश गौड़ा के चेहरे पर मिर्च पाउडर फेंका, ताकि उन्हें असहाय बनाया जा सके. इसके बाद घातक हथियारों से उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी गई. उस समय कुलकर्णी कर्नाटक की तत्कालीन कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री थे.

मामले की शुरुआती जांच में कर्नाटक पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन राजनीतिक दबाव और परिवार की मांग के चलते 2019 में, बीजेपी सरकार बनने के बाद, यह केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया.

CBI ने बताया था मास्टरमाइंड

सीबीआई ने 2020 में दाखिल अपने पूरक आरोपपत्र में कुलकर्णी को इस साजिश का मास्टरमाइंड बताया. एजेंसी का आरोप है कि कुलकर्णी, योगेश गौड़ा को धारवाड़ में उभरते राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखते थे और उन्हें रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या की साजिश रची गई.

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अब इस मामले में पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक दोषी करार दिये गए हैं. कल 16 अप्रैल को सजा पर अदालत में बहस होगी.

-भारत एक्सप्रेस



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