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नीतीश की विदाई और सम्राट का उदय! कैसे लालू की ‘ओबीसी राजनीति’ ने तय किया बिहार का अगला सीएम

Samrat Choudhary New CM Bihar: बीजेपी सम्राट चौधरी को बिहार का 24वां मुख्यमंत्री भले ही बनाने जा रही है, लेकिन उनके इस पॉलिटिकल प्रमोशन में लालू प्रसाद यादव का हाथ कहीं ज्यादा बड़ा है. लालू यादव ने 16 साल पहले कहा था कि बिहार में अब बिहार में सवर्णों को अगला मुख्यमंत्री बनाने की अब कोई हिम्मत नहीं करता.

Samrat Choudhary New CM Bihar

Samrat Choudhary New CM Bihar

Samrat Choudhary New CM Bihar: लगभग 20 सालों तक बिहार की राजनीति की धुरी रहे नीतीश कुमार अब सीएम से पूर्व सीएम बन गए हैं. नीतीश कुमार की गद्दी का वारिस अब बीजेपी के सम्राट चौधरी को बनाया गया है. नीतीश कुमार अब राज्यसभा की ओर प्रस्थान करेंगे. नीतीश के बाद बिहार का सीएम कौन होगा इसपर एक महीने से लगातार चर्चाएं होती रही. कभी रमा देवी तो कभी श्रेयसी सिंह इस लिस्ट में जगह बना रहीं थी, लेकिन अंत में नीतीश के हस्तक्षेप के बाद बीजेपी को सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगानी पड़ी.

बीजेपी सम्राट चौधरी को बिहार का 24वां मुख्यमंत्री भले ही बनाने जा रही है, लेकिन उनके इस पॉलिटिकल प्रमोशन में लालू प्रसाद यादव का हाथ कहीं ज्यादा बड़ा है. आखिर सम्राट चौधरी के बिहार के सीएम बनने में लालू प्रसाद यादव ने क्या योगदान दिया? आइये जानते हैं…

साल 2010 में पिछड़े सवर्णों को नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने की चर्चाएं चल रही थी. इसी को लेकर तत्कालीन राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पटना के राजद कार्यालय में एक मिलन समारोह आयोजित कर रहे थे. जिसमें पूर्व मंत्री अशोक कुमार सिंह सहित राजद में शामिल हुए कई नेताओं का स्वागत किया जा रहा था.

अब किसी ऊंची जाति के नेता का…

तभी लालू प्रसाद यादव ने कुछ ऐसा कहा जिसने बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया. लालू प्रसाद यादव ने कहा,

बिहार में अब किसी ऊंची जाति के किसी नेता का मुख्यमंत्री बनना मुश्किल है.

दरअसल साल 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में राजद के खराब प्रदर्शन को लेकर लालू प्रसाद यादव अलग राजनीतिक मिजाज में दिख रहे थे. उन्होंने सवर्णों को राजद के साथ जोड़ने की कवायद शुरू कर दी थी. इसी समारोह में उन्होंने आगे कहा,

बिहार में सवर्णों को अगला मुख्यमंत्री बनाने की अब कोई हिम्मत नहीं करता.

लालू के उद्भव ने सवर्णों का बिगाड़ दिया खेल

दरअसल बिहार की राजनीति में लालू के उद्भव से पहले सवर्णों की राजनीतिक दखल सबसे ज्यादा थी. तब लालू प्रसाद यादव आगे आए और जिन ओबीसी जातियों को इररेलिवेंट समझा जाता था उन्होंने उन्हें रिलिवेंट बना दिया.

जिसके बाद बिहार में ओबीसी जातियों से भारी संख्या में विधायक और सांसद चुनकर आने लगे. लालू प्रसाद यादव के इन्हीं कार्यों का प्रतिफल आज सम्राट चौधरी को मिला है.

तेजस्वी ने बताया लालू की पाठशाला का छात्र

मंगलवार को सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद तेजस्वी यादव ने उन्हें लालू प्रसाद यादव की पाठशाला का छात्र बताया. उन्होंने बताया कि सम्राट चौधरी को पहली बार राजनीति में लाने और मंत्री व विधायक बनाने का काम लालू यादव ने किया था.

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तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि आज वो भले ही दूसरी तरफ की राजनीति कर रहे हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक नींव लालू प्रसाद यादव की विचारधारा पर टिकी है.

-भारत एक्सप्रेस



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