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जी-20 शेरपा अमिताभ कांत बोले- पहली बार भारत जी-20 के लिए एजेंडा तय कर रहा है और दुनिया उसपर रेस्पॉन्ड कर रही है

भारत के जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए भारत को मिली जी-20 की अध्यक्षता और शहरों में आयोजित होने वाली बैठकों के बारे में बताया.

जी-20 शेरपा अमिताभ कांत

भारत के जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए भारत को मिली जी-20 की अध्यक्षता और शहरों में आयोजित होने वाली बैठकों के बारे में बताया. कांत ने कहा कि हमने देश के 50 से अधिक शहरों में 115 से अधिक मीटिंग की हैं. हमें करीब 60 शहरों में 220 मीटिंग करनी हैं. इससे जी-20 देश के लोग हर राज्य तक पहुंचेंगे. ये पीपल्स जी-20 (People’s G-20) प्रेसिडेंसी जैसा है. जिसने हमें राज्यों को और उनकी आर्ट, क्राफ्ट, कल्चर को दिखाने का मौका मिला है.साथ ही ये बाकी देशों में हुए जी-20 समिट से काफी अलग और यूनीक है.

जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने गुरुवार को कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता आर्थिक विकास के मुद्दों पर केंद्रित रहेगी और मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच रूस और चीन सहित सभी सदस्य देशों को साथ लाने का प्रयास करेगी. कांत ने आगे कहा कि सितंबर में यहां जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान आर्थिक विकास के उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करने जरूरत है. साथ ही राजनीति को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) पर छोड़ देना चाहिए.

पहली बार भारत जी-20 के लिए एजेंडा तय कर रहा है और दुनिया उसपर रेस्पॉन्ड कर रही है- कांत

एक सवाल का जवाब देते हुए शेरपा आमिताभ कांत ने कहा कि अगर आप पिछले 5-6 दशकों पर नजर डालें तो हमने एक एजेंडे पर प्रतिक्रिया दी है, जो विकसित दुनिया ने सेट किया है. पर अब पहली बार भारत जी-20 के लिए एजेंडा तय कर रहा है, जिनकी दुनिया की कुल जीडीपी में 85 फीसदी भागीदारी है. अब हम एजेंडा सेट कर रहे हैं और दुनिया उस पर रेस्पोंड कर रही है. अमिताभ कांत ने कहा कि हमारा एजेंडा इमर्जिंग मार्केट का ध्यान रख रहा है. हमारा एजेंडा विश्व के लिए है.

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अमिताभ कांत के मुताबिक रूस-यूक्रेन एक अहम मुद्दा है, लेकिन कोविड ने 20 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के नीचे ला दिया है. 10 करोड़ों लोगों की नौकरी चली गई. 75 देश दुनिया भर में कर्ज संकट का सामना कर रहे हैं. एक तिहाई दुनिया मंदी में है. अमिताभ ने सवाल उठाया कि क्या यह सारे मुद्दे अहम नहीं हैं? उन्होंने कहा कि इमर्जिंग मार्केट्स के लिए ये मुद्दे बहुत अहम हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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