Meerut News: कहा जाता है कि शरीर के साथ जरूरत से ज्यादा छेड़छाड़ खतरनाक नतीजे दे सकती है. उत्तर प्रदेश के मेरठ से ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक निजी अस्पताल में वजन कम करने की सर्जरी के दौरान एक महिला की जान चली गई. मौत की खबर मिलते ही गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर जोरदार हंगामा किया और डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
मृतक महिला रजनी गुप्ता स्थानीय बीजेपी नेता और महानगर महामंत्री अरविंद गुप्ता मारवाड़ी की छोटी बहन थीं. जानकारी के मुताबिक रजनी की उम्र करीब 55 साल थी. 11 जुलाई को मेरठ के न्यूट्रिमा अस्पताल में उनकी बेरियाट्रिक सर्जरी कराई गई थी. डॉक्टर ऋषि सिंघल उनका इलाज कर रहे थे. परिवार का कहना है कि रजनी की 28 वर्षीय बेटी शिवानी भी मोटापे से परेशान थी और डॉक्टर ने दोनों को ही ऑपरेशन करवाने की सलाह दी थी. सर्जरी पर कुल 3 लाख 70 हजार रुपये का खर्च आया.
खराब स्टिचिंग के कारण हुई मौत
ऑपरेशन के अगले ही दिन यानी 12 जुलाई को रजनी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. उन्हें पेट में असहनीय दर्द हुआ. पहले तो डॉक्टरों ने इसे सर्जरी के बाद का सामान्य दर्द मानकर दवा दे दी. लेकिन राहत नहीं मिली. जब एक्स-रे कराया गया तो पता चला कि सर्जरी के दौरान टांकों में लापरवाही हुई थी. खराब स्टिचिंग के कारण पेट के अंदर नस में फ्लूड जमा हो गया और इन्फेक्शन फैल गया. इसी वजह से रजनी की मौत हो गई.
घटना की खबर मिलते ही सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया, तब जाकर परिजन शांत हुए. मृतका के घरवालों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद रजनी लगातार बीमार रहती थीं. ढीले टांकों के चलते पेट में फ्लूड जमा होता रहा, जिससे उनका इन्फेक्शन बढ़ता गया और आखिरकार उनकी जान ले गया.पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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