Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

पश्चिम एशिया संकट पर गृह मंत्री अमित शाह की सर्वदलीय बैठक, क्या होगी भारत की अगली रणनीति?

पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ने के बीच भारत सरकार सतर्क हो गई है. गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में संसद में सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य मंत्रियों के साथ विदेश सचिव विक्रम मिसरी क्षेत्रीय संकट और इसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों की ब्रीफिंग देंगे.

पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं, और इसे लेकर भारत सरकार भी सतर्क हो गई है. इसी बीच, गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में आज (बुधवार) शाम को संसद परिसर में सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई गई है. बैठक का मुख्य मकसद नेताओं को क्षेत्रीय संकट और इसके भारत पर पड़ने वाले संभावित असर, चाहे वो आर्थिक हो या सुरक्षा से जुड़ा, समझाना है.

क्या है सरकार का प्लान?

सरकार की ओर से इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत करीब पांच से छह अन्य मंत्री भी शामिल होंगे. बैठक शाम 5 बजे संसद भवन में शुरू होगी. विदेश सचिव विक्रम मिसरी पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर ब्रीफिंग देंगे. ये बैठक उस समय रखी गई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में इस संकट को ‘अभूतपूर्व’ बताया और इसके दीर्घकालिक असर की चेतावनी दी थी.

यह संकट अब अपने चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है. सबसे बड़ी चिंता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) को लेकर है. यह वो समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस मंगवाता है. अगर यह रास्ता प्रभावित होता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे महंगाई का एक नया दौर शुरू हो सकता है. सप्लाई चेन टूटने का डर सरकार को सता रहा है और यही वजह है कि वे इस पर आम सहमति बनाना चाहते हैं.

राहुल गांधी ने बैठक की पहल का स्वागत किया

हालांकि सरकार ने हाथ आगे बढ़ाया है, लेकिन विपक्ष के अपने तर्क हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि सिर्फ ब्रीफिंग दे देना काफी नहीं है. वे चाहते हैं कि इस पर संसद में बाकायदा लंबी और विस्तृत चर्चा हो.

वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की पॉलिसी व्यक्तिगत हितों के इर्द-गिर्द घूम रही है. हालांकि, राहुल इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि वे पहले से तय अपने केरल दौरे पर हैं, लेकिन उन्होंने बातचीत की इस पहल का स्वागत जरूर किया है.

सुरक्षा की भी हुई समीक्षा

इस मीटिंग से ठीक एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने सीडीएस जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग की. इसमें डीआरडीओ के चीफ भी शामिल थे, ताकि भारत की रक्षा तैयारियों को परखा जा सके.

ये भी पढ़ें: पीएम मोदी को भेंट की मां दुर्गा की मूर्ति, CM भजनलाल की खास मुलाकात

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital

Latest