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शुभेंदु सरकार के बजट में महिला, युवा, कर्मचारियों की लॉटरी, MLA के खाते भरे; जानें बंगालियों को क्या-क्या मिला?

West Bengal Budget Highlights: पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार का पहला पूर्ण बजट वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा पेश किया गया. बजट में 1 लाख सरकारी नौकरियों, कर्मचारियों के लिए 20% DA की बढ़ोतरी, महिलाओं के लिए 33% आरक्षण और मुफ्त बस सेवा (पिंक कार्ड) का ऐतिहासिक ऐलान किया गया है.

West Bengal Budget 2026 Highlights Suvendu Adhikari Swapan Dasgupta

West Bengal Budget Highlights: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में सोमवार (22 जून 2026) का दिन एक नए युग की शुरुआत के रूप में दर्ज हो गया है. नवगठित BJP सरकार ने विधानसभा में अपना पहला पूर्ण और ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है. बजट से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने पहले बाकायदा पूजा-अर्चना की. इसके बाद बजट के दस्तावेजों को पारंपरिक बंगाली चटाई और जूट से तैयार की गई एक विशेष फाइल में रखकर विधानसभा भवन लाया गया. इस बजट से महिला, युवा, कर्मचारियों की लॉटरी लग गई है. वहीं विधायकों के खाते भी भरे गए हैं.

वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा पेश किए गए इस 4 लाख 30 हजार करोड़ के लोक-लुभावन और विकास-उन्मुख बजट में बंगाल की जनता पर पैसों की भारी बारिश की गई है. जिसमें युवाओं, महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान दिया गया है, अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा विभाग के लिए फंड घटा दिया गया है.

महिला, युवा, कर्मचारियों की लॉटरी (Suvendu Govt West Bengal Budget)

एक तरफ युवाओं के लिए 1 लाख नौकरियों का पिटारा खुला है, वहीं महिलाओं के लिए 33% आरक्षण और सरकारी कर्मचारियों के लिए 20% डीए (DA) की भारी बढ़ोतरी कर उनकी लॉटरी लगा दी गई है 1 लाख सरकारी नौकरियों में कुल भर्तियों में से 20,000 पद पुलिस विभाग में और 50,000 पद शिक्षकों व शिक्षण कर्मचारियों के लिए होंगे. इन भर्तियों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी. इसके साथ ही विधायकों की विकास निधि में भी भारी इजाफा किया गया है.

श्वेत पत्र और कर्ज का खुलासा (Swapan Dasgupta West Bengal Budget)

बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने पश्चिम बंगाल की वित्तीय स्थिति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर तीखा हमला बोला उन्होंने सदन को जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य का खजाना खाली है और नई सरकार को विरासत में 8,15,691 करोड़ का भारी-भरकम कर्ज का बोझ मिला है, जो बंगाल की अर्थव्यवस्था को पंगु बना रहा था.

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हालांकि, उन्होंने वित्तीय अनुशासन बहाल करने का दावा करते हुए एक बेहतरीन कार्ययोजना पेश की, जिसके तहत राजषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3.40% से घटाकर 2.91% पर लाने का लक्ष्य रखा गया है. बजट के आंकड़ों के अनुसार, सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के संदर्भ में अनुमानित राजस्व घाटे में 1.5% की कमी आई है. वित्त मंत्री ने साफ किया कि इस वित्तीय संकट के बावजूद पूर्व सरकार की ‘अन्नपूर्णा’ जैसी सभी प्रमुख सामाजिक कल्याणकारी योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेंगी.

युवाओं के लिए खोली लॉटरी (West Bengal Budget Big Point)

  • युवाओं को सबसे बड़ी राहत देते हुए विभिन्न विभागों में 1 लाख नई सरकारी नौकरियों की भर्ती की घोषणा
  • 50,000 पद शिक्षकों व शिक्षण कर्मचारियों के लिए और 20,000 पद विशेष रूप से पुलिस विभाग के लिए होंगे
  • सरकारी नौकरियों में ऊपरी आयु सीमा को 5 वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है, जो अगले 2 साल तक प्रभावी रहेगा
  • सरकारी नौकरियों में 10% पद अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे.
  • 1 से 45 वर्ष के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए अक्टूबर से ‘भरोसा’ योजना शुरू होगी
  • ग्रेजुएट युवाओं को 3,000 और अन्य को 2,000 मासिक भत्ता दिया जाएगा

कर्मचारियों की बढ़ाई कमाई (West Bengal Budget For Woman)

राज्य कर्मचारियों का DA अब 38%: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 20% की एकमुश्त ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है. 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले इस फैसले के बाद राज्य का कुल डीए बढ़कर 38% हो जाएगा, जिससे केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों का अंतर 22% कम हो जाएगा.

महिला सशक्तिकरण का नया नैरेटिव

शुभेंदु सरकार ने ममता बनर्जी के महिला वोट बैंक के पारंपरिक नैरेटिव को सीधे चुनौती देते हुए केवल कल्याणकारी मदद के बजाय उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का ब्लूप्रिंट खींचा है. घोषित की गई 1 लाख सरकारी नौकरियों में से 33% पद पूरी तरह से महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे.

महिलाओं को राज्य परिवहन की बसों में पूरी तरह से मुफ्त यात्रा की सौगात दी गई है, जिसके लिए ₹550 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है. इसके तहत महिलाओं को जल्द ही विशेष ‘पिंक कार्ड’ जारी किए जाएंगे. आशा कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय में 5,000 की भारी वृद्धि की गई है. वहीं सिविक वॉलंटियर्स, विलेज पुलिस, ग्रीन पुलिस और होमगार्ड के पारिश्रमिक में भी 2,000 प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है. अनुबंध ड्राइवरों का वेतन भी बढ़ाकर 16,000 किया जाएगा.

विधायकों के भरे खाते एवं बुनियादी सुधार

विधायक निधि (MLA Fund) में बंपर इजाफा किया गया है. राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए विधायक निधि को 70 लाख से बढ़ाकर सीधा 1 करोड़ कर दिया गया है. इसके साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में 5 करोड़ की लागत से मिनी इनडोर स्टेडियम बनाए जाएंगे. सरकार ने राज्य में बहुप्रतीक्षित केंद्रीय स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत’ को पूरी तरह से लागू कर दिया है, जिससे गरीबों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा. इसके अलावा, लंबे समय से अटकी पड़ी राज्य की जनगणना को तुरंत शुरू करने के प्रशासनिक आदेश जारी किए गए हैं.

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भारत-बांग्लादेश सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा को चाक-चौबंद करने और फेंसिंग लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 45 दिनों के भीतर 600 एकड़ जमीन सौंपने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है. राज्य में नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों (जैसे भारतीय न्याय संहिता) को पूरी तरह से अपना लिया गया है. साथ ही नागरिकता संशोधन कानून (CAA) की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है.

धार्मिक भेदभाव वाली योजनाएं बंद (West Bengal Budget Big Update)

तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त करने का दावा करते हुए मदरसा विभाग और अन्य धर्म-आधारित वित्तीय सहायता वाली योजनाओं के बजट को 5,713 करोड़ से घटाकर 2,165.42 करोड़ किया गया है और ऐसी विसंगतियों को बंद कर सबके लिए समान योजनाएं चलाने का निर्णय लिया गया है. सेवानिवृत्त पत्रकारों को भी ₹5,000 प्रति माह पेंशन देने की घोषणा की गई है.



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