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पायलट और वसुंधरा से ज्यादा लोग चाहते हैं ‘बाबा’ बने CM, जानें कौन हैं महंत बालकनाथ, जिनमें राजस्थान देख रहा ‘भविष्य’?

बालकनाथ का जन्म एक हिंदू यादव परिवार में सुभाष यादव और उर्मीला देवी के घर हुआ था. कम उम्र में बाबा खेतानाथ ने उनका नाम गुरुमुख रख दिया.

महंत बालकनाथ

महंत बालकनाथ

Rajasthan: राजस्थान में राज बदलेगा या रिवाज, इसका फैसला 3 दिसंबर को होगा. लेकिन गुरुवार को आए Exit Poll के नतीजे ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों की टेंशन बढ़ा दी है. ‘TARGET महापोल’ के एग्जिट पोल में राजस्थान में बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान है. राजस्थान के पोल ऑफ पोल्स में बीजेपी को 115 सीटें, कांग्रेस को 71 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं आज तक एक्सिस माई इंडिया के मुताबिक, राजस्थान में कांग्रेस के खाते में 86-106 और बीजेपी के खाते में 80-100 सीटें जाती दिख रही हैं.

अशोक गहलोत के बाद बालकनाथ सीएम पद की पसंद

आज तक एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में सीएम पद को लेकर एक ऐसा नाम सामने आया है जिसने सभी को चौंका दिया है. बताया गया है कि राजस्थान में अशोक गहलोत के बाद सबसे ज्यादा लोग चाहते हैं कि सीएम महंत बालकनाथ बने. सर्वे के दौरान जब लोगों से पूछा गया कि सीएम किसे बनना चाहिए? ज्यादातर लोगों ने सीएम अशोक गहलोत का नाम लिया. हालांकि, हैरत की बात ये है कि इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर न तो सचिन पायलट का नाम है न ही पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का. लोगों ने कहा कि बालकनाथ को राजस्थान का सीएम बनना चाहिए. ऐसे में आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये बालकनाथ हैं कौन, जिन्हें सीएम बनाने की बात कही जा रही है.

कौन हैं महंत बालकनाथ?

महंत बालकनाथ योगी राजस्थान के अलवर लोकसभा क्षेत्र से वर्तमान सांसद हैं. वह बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं. बता दें कि नाथ संप्रदाय के 8वें प्रमुख महंत भी है. 29 जुलाई 2016 को, महंत चांदनाथ ने एक समारोह में बालकनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया, जिसमें योगी आदित्यनाथ और बाबा रामदेव भी शामिल हुए थे.

बता दें कि बालकनाथ का जन्म एक हिंदू यादव परिवार में सुभाष यादव और उर्मीला देवी के घर हुआ था. कम उम्र में बाबा खेतानाथ ने उनका नाम गुरुमुख रख दिया. वह 1985-1991 तक मत्स्येंद्र महाराज आश्रम में रहे, उसके बाद वह महंत चांदनाथ के साथ हनुमानगढ़ जिले के नाथावली थेरी गांव में एक मठ में चले गए.

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बालकनाथ का राजनीतिक करियर

राजस्थान के अलवर से लोकसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था और उन्होंने 2019 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भंवर जितेंद्र सिंह को 3 लाख वोटों के अंतर से हराकर चुनाव जीता.

-भारत एक्सप्रेस

 

 



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