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कौन थीं प्रख्यात गांधीवादी कृष्णा भारती? जिनके निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक

कृष्णा भारती ने संक्षिप्त बीमारी के बाद हैदराबाद के स्नेहपुरी कॉलोनी स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली.

Krishna Bharti

कृष्णा भारती के निधन पर पीएम ने जताया शोक.

गांधीवादी और प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय पासला कृष्ण मूर्ति की बेटी कृष्णा भारती का रविवार को निधन हो गया. वह 92 वर्ष की थीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृष्णा भारती के निधन पर शोक जताया है.

पीएम मोदी ने निधन पर जताया शोक

प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पासला कृष्णा भारती जी के निधन से बहुत दुःख हुआ. वे गांधीवादी मूल्यों के प्रति समर्पित थीं और उन्होंने अपना जीवन बापू के आदर्शों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने अपने माता-पिता की विरासत को शानदार ढंग से आगे बढ़ाया, जो हमारे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सक्रिय थे. मुझे भीमावरम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनसे मुलाकात याद है. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना.”

कृष्णा भारती के पीएम ने छुए थे पैर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के भीमावरम में 2022 में स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में कृष्णा भारती के पैर छुए थे.उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पासला कृष्ण मूर्ति के अन्य पारिवारिक सदस्यों से भी मुलाकात की थी.

कृष्णा भारती ने संक्षिप्त बीमारी के बाद हैदराबाद के स्नेहपुरी कॉलोनी स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली. आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले की रहने वाली, वह स्वतंत्रता सेनानी पासला कृष्ण मूर्ति और अंजा लक्ष्मी की दूसरी बेटी थीं.

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कृष्णा भारती गांधीवादी मूल्यों में दृढ़ विश्वास रखती थीं और उन्होंने जीवन भर उन्हीं मूल्यों को बनाए रखा. उन्होंने दलितों के उत्थान के लिए भी प्रयास किया. उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों और गोशालाओं को दान दिया था.

कृष्णा भारती अविवाहित थी. उनके चार भाई और तीन बहनें हैं.आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कृष्णा भारती के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के शैक्षणिक उत्थान के लिए उनके योगदान को याद किया.

-भारत एक्सप्रेस



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