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आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड को क्यों किया भंग, अब आगे क्या होगा…?

आंध्र प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एन एमडी फारूक ने मीडिया को बताया, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और प्रबंधन तथा अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है.

N. Chandrababu Naidu (नारा चंद्रबाबू नायडू)

आंध्र प्रदेश सीएम चंद्रबाबू नायडू. (फाइल फोटो)

Andhra Pradesh Waqf Board: आंध्र प्रदेश सरकार ने रविवार (1 दिसंबर) को राज्य वक्फ बोर्ड को भंग करने की घोषणा की. इसका गठन पिछली जगन मोहन रेड्डी की सरकार ने किया था. 30 नवंबर को जारी आदेश में मौजूदा सरकार ने पिछली सरकार के दौरान लिए गए फैसले को रद्द कर दिया.

बेहतर शासन की आवश्यकता का हवाला देते हुए चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाले प्रशासन ने पिछली YSR कांग्रेस सरकार को बोर्ड बनाने की अनुमति देने वाले आदेश की वैधता पर सवाल उठाने वाली रिट याचिकाओं का भी हवाला दिया. इन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने नवंबर, 2023 में स्टेट वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के चुनाव पर रोक लगा दी थी.

बोर्ड को भंग ऐसे समय किया गया जब देश में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर हंगामा जारी है. यह निर्णय बोर्ड में अच्छे शासन को बनाए रखने, वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और वक्फ बोर्ड के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के हित में लिया गया था.

सरकार वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एन एमडी फारूक ने मीडिया को बताया, “मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और प्रबंधन तथा अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है.”

रविवार को जारी आदेश में 2023 के उस आदेश को निरस्त कर दिया गया, जिसमें 11 सदस्यीय समूह में तीन सदस्यों का चुनाव किया गया था और सात अन्य को नामित किया गया था. पत्र के अनुसार, एपी राज्य वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने प्रशासन को सूचित किया था कि बोर्ड लंबे समय से निष्क्रिय था.

राज्य सरकारों से वक्फ संपत्तियों की जानकारी मांगी

यह घटना तब हुई जब वक्फ (संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संसदीय समिति ने विभिन्न राज्य सरकारों से वक्फ संपत्तियों की सत्यता और अपडेटेड जानकारी मांगी. सच्चर समिति के अनुसार, उन्होंने अनधिकृत तरीके से कब्जा किया था.

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024, डिजिटलीकरण, सख्त ऑडिट, अधिक पारदर्शिता और अवैध रूप से कब्जे वाली संपत्तियों को वापस लेने के लिए कानूनी तंत्र सहित व्यापक सुधार पेश करने का प्रयास करता है.

बता दें कि आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू (TDP), पवन कल्याण (Jana Sena Party) और बीजेपी के समर्थन वाली सरकार है.


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-भारत एक्सप्रेस



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