Yavatmal News/सचिन झिटे, यवतमाल: यवतमाल शहर के स्टेट बैंक चौक पर बीती रात जो कुछ हुआ, उसने पूरे इलाके में भारी तनाव पैदा कर दिया है. जहाँ एक तरफ लोग क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा के अनावरण की तैयारी कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने अचानक ‘एक्शन मोड’ में आकर उस प्रतिमा को ही वहां से हटा दिया.
यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब आज (शनिवार) को ही इस प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह होने वाला था. प्रशासन का तर्क है कि इस प्रतिमा को लगाने के लिए जरूरी परमिशन नहीं ली गई थी, लेकिन कार्रवाई के तरीके ने जनता को भड़का दिया है.
आधी रात को भारी पुलिस बल ने की ‘गुपचुप’ कार्रवाई
मामला शुक्रवार देर रात का है जब भारी संख्या में पुलिस बल स्टेट बैंक चौक पहुंचा. नगर पालिका के कर्मचारियों ने जैसे ही प्रतिमा हटाने का काम शुरू किया, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लग गई. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. लोगों का सबसे बड़ा गुस्सा इस बात को लेकर था कि जब उन्होंने अधिकारियों से प्रतिमा हटाने का लिखित आदेश मांगा, तो प्रशासन की ओर से कोई भी पुख्ता दस्तावेज मौके पर नहीं दिखाया गया. बिना किसी पूर्व सूचना या लिखित आदेश के हुई इस कार्रवाई ने नागरिकों को आक्रोशित कर दिया.
नारेबाजी और बढ़ता तनाव
प्रशासन की इस मुहिम के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही जमकर नारेबाजी शुरू कर दी. लोगों का कहना था कि देश की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले का अपमान किया जा रहा है. जैसे-जैसे प्रतिमा हटाने का काम आगे बढ़ा, वहां का माहौल और भी ज्यादा संवेदनशील होता गया.
पुलिस ने स्थिति को बिगड़ते देख कड़ा बंदोबस्त लगा दिया और किसी को भी करीब आने की इजाजत नहीं दी गई. प्रशासन के इस कड़े रुख की वजह से अब पूरे यवतमाल शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग इसे अस्मिता से जोड़कर देख रहे हैं.
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अनावरण कार्यक्रम पर सस्पेंस
आज यानी शनिवार को इस प्रतिमा का अनावरण होना तय था, जिसके लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई थीं. लेकिन अब प्रतिमा हटने के बाद इस कार्यक्रम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे पीछे नहीं हटेंगे, जबकि प्रशासन ने नियम-कायदों का हवाला देते हुए कड़ा रुख अपनाया हुआ है.
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और जनता के बीच के संवाद की कमी को उजागर किया है. अब देखना यह होगा कि आने वाले घंटों में क्या कोई समाधान निकलता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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