योगाचार्य डॉ सिंघल की मौत
Yogacharya Dr. Pawan Singhal: मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. दरअसल, लोगों को सेहतमंद रहने के सूत्र सिखाने वाले योगाचार्य डॉ. पवन सिंघल का 54 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है. यह घटना तब हुई जब वो शाडोरा के तुलसी सरोवर पार्क के पास योगाभ्यास करने जा रहे थे. लोगों ने उन्हें बेहोश पाया और आनन-फानन में पास के जिला अस्पताल में भर्ती करवाया. जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉ. पवन सिंघल एक दशक से अधिक समय से योग को बढ़ावा दे रहे थे और योग के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए शहर में व्यापक रूप से जाने जाते थे.
डॉ. सिंघल को आया साइलेंट अटैक
54 वर्षीय डॉ. सिंघल रोजाना की तरह योग क्लास के लिए जा रहे थे. क्लास के पहले 2 किलोमीटर दौड़ लगाने के बाद ने कार से तुलसी सरोवर पार्क के लिए निकले. रास्ते में पार्क के पास उन्हें अचानक से साइलेंट हार्ट अटैक आ गया. जब लोग उनकी कार के पास पहुंचे तो देखा कि कार बंद थी और लाइट जल रही थी. काफी देर तक उनके बाहर नहीं निकले पर योग स्टीडेंट्स ने कार का दरवाजा खोला और उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. योगाचार्य के निधन की यह घटना शहर और सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गई.
डॉ. सिंघल के नाम दर्ज है कई रिकॉर्ड
स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉ. सिंघल पिछले 10 वर्षों से योग क्षेत्र में सक्रिय थे. शहर में उन्हें योग गुरू के नाम से जाना जाता था. उन्होंने 2022 में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी. उन्होंने 11 घंटे में 100 किलोमीटर की दौड़ का रिकॉर्ड बनाया था. वहीं 5100 बार सूर्य नमस्कार करने का भी रिकॉर्ड बनाया था. पतंजलि कायाकल्प योग क्लास के जरिए जिले के अलावा अन्य राज्यों के लोग भी ऑनलाइन उनसे जुड़ते थे. हाल ही में उन्होंने 116 यूनिट ब्लड डोनेट करने का भी रिकॉर्ड बनाया था. वे लगातार 24 मार्च 2015 से योग कर रहे थे.

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निधन से पहले भी साझा की थी योग की जानकारी
अपने आकस्मिक निधन से एक दिन पहले डॉ. पवन सिंघल ने नवदुर्गा के दौरान आगामी योग के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की थी. वह नियमित रूप से ऐसे सत्र आयोजित करने के लिए जाने जाते थे, जिनमें आत्म-देखभाल और कल्याण के महत्व पर जोर दिया जाता था. फिलहाल उनके निधन से हर कोई हैरान है. आखिर कैसे इतना योग अभ्यास करने वालों को भी हार्ट अटैक आ सकता है. ये भी कहा जाता है कि अगर आपको हार्ट अटैक से बचना है तो खुद को फिट रखने के लिए योग या अन्य चीजें करनी होगीं.
बेहद संतुलित था खान-पान
योगाचार्य डॉ. सिंघल का खान-पान बेहद संतुलित था. उन्होंने एक माह से नमक व शक्कर खाना पूरी तरह से बंद कर दिया था. योगार्थियों ने बताया नवरात्र में 10 दिन सिर्फ नींबू पानी पीते थे एक बार तो फल व ड्राई फ्रूट का सेवन भी बंद कर दिया. वे सिर्फ 5 घंटे ही नींद लेते थे. उन्होंने सर्दियों में भी कभी गर्म कपड़े नहीं पहने.
-भारत एक्सप्रेस
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