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‘जब कीमत बढ़ी ही नहीं तो दाम कम होने की बात क्यों…’, पेट्रोल-डीजल के रेट घटाने पर ये क्‍या बोल गए देश के पेट्रोलियम मंत्री

Petrol Diesel Prices India: भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का चौंका देने वाला बयान आया है. उन्‍होंने कहा— संकट में भी सरकार ने भारत में कीमतें नहीं बढ़ने दीं, तो अब बड़ी कटौती क्यों हो?

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की उम्मीद लगाए बैठे उपभोक्ताओं के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने झटका देने वाला बयान दिया है. ईंधन की कीमतों को लेकर उठ रहे सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा कि जब भारत में कीमतें उस तरह बढ़ी ही नहीं थीं, तो अब कटौती की उम्मीद क्यों की जा रही है?

‘वैश्विक संकट में भी भारत ने थामे रखे दाम’

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने होर्मुज संकट का हवाला देते हुए बताया कि जब दुनिया भर में ईंधन की किल्लत और कीमतों में आग लगी थी, तब भी मोदी सरकार ने भारतीय उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया. उन्होंने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि उस संकट के दौरान विकसित देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई थीं. वहीं पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे भारत के पड़ोसी देशों में औसतन 35 फीसदी तक दाम बढ़ाए गए थे. इसके मुकाबले भारत में तेल की कीमतों में केवल करीब 5 फीसदी की ही बढ़ोतरी की गई थी.

70 डॉलर प्रति बैरल होना पूरी तस्वीर नहीं दिखाती

केंद्रीय मंत्री ने उन तर्कों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें लोग कह रहे हैं कि कच्चे तेल की कीमत 128 डॉलर प्रति बैरल से घटकर अब करीब 70 डॉलर पर आ गई है, इसलिए पेट्रोल-डीजल भी आधा सस्ता होना चाहिए. हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस तरह की सीधी तुलना अधूरी तस्वीर दिखाती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा तुरंत घरेलू बाजार में नहीं मिलता. तेल की खरीद, उसके परिवहन, रिफाइनिंग और देशव्यापी वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) की पूरी प्रक्रिया काफी लंबी होती है, जिससे कंपनियों की लागत में बदलाव दिखने में समय लगता है.

अगले दो-तीन महीनों के रुख पर टिकी नजर

राहत की उम्मीदों पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि अगले दो से तीन महीने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार स्थिर और कम बनी रहती हैं, तो भविष्य में कीमतों में थोड़ी राहत देने की संभावना पर विचार किया जा सकता है. हालांकि, उन्होंने साफ शब्दों में आगाह किया कि फिलहाल इस बारे में कोई भी निश्चित घोषणा करना जल्दबाजी होगी और यह अभी केवल संभावनाओं पर आधारित चर्चा है.



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