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16 वर्षीय भतीजी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल जेल, पीड़िता को मिला 10.5 लाख रुपये मुआवजा

20 Years jail to Rapist: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित रोहिणी कोर्ट ने 2020 में अपनी 16 वर्षीय भतीजी से दुष्कर्म के दोषी को आज सजा सुनाई. उसे 20 साल के सश्रम कारावास भुगतना होगा.

Karkardooma court

सांकेतिक तस्वीर.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Delhi News: रोहिणी कोर्ट ने 2020 में अपनी 16 वर्षीय भतीजी के साथ दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने पीड़िता को 10.5 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील बाला डागर ने हालही में उसे यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धारा 6 व अन्य धाराओं में दोषी ठहराया था.

अतिरिक्त लोक अभियोजक योगिता कौशिक दहिया ने कहा जब परिवार में कोई दरिंद हो तो बच्चों की रक्षा कौन करेगा. कोर्ट ने कहा कि दोषी ऑटोरिक्शा चालक निंदनीय कृत्य के लिए कोई सहानुभूति का हकदार नहीं है. उन्होंने रेखांकित किया कि दोषी ने नाबालिग को घृणित अपराध के दौरान और उसके बाद गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी.

अदालत ने 15 जनवरी को दिए अपने आदेश में कहा दोषी पीड़िता का मामा है. घर को बच्चों के लिए दुनिया में सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है. और साझा घर में रहने वाले लोगों को सबसे भरोसेमंद व्यक्ति माना जाता है. अदालत ने पाया कि बच्चों के खिलाफ़ अनाचार दुष्कर्म के रूप में अपराध में वृद्धि हुई है और बच्चों को उनके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, शिक्षकों और परिचितों द्वारा यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया जा रहा है.

अदालत ने कहा अपनी उम्र के हिसाब से मासूम होने के कारण लड़के और लड़कियों दोनों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है. जब परिवार में ही कोई दरिंदा हो तो कौन सुरक्षा करेगा? यह धारणा कि बच्चे परिवार और परिचित लोगों के साथ सबसे सुरक्षित होते हैं, दोषी जैसे लोगों के कारण एक मिथक साबित हुई है, जो अपने ही परिवार के बच्चों और इस मामले में अपनी भतीजी के साथ इस तरह के घिनौने अपराध में लिप्त हैं.



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