सुप्रीम कोर्ट ने दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) और अन्य समूह कंपनियों से जुड़े 40000 करोड़ रुपए से अधिक के कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एसआईटी को जांच पूरा करने के लिए 6 सप्ताह का समय दे दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है.
मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि एसआईटी जांच की अभी तक कि रिपोर्ट पेश कर दी गई है. लेकिन जांच अभी भी अधूरी है. इसे पूरा करने करने के लिए 2 महीने का अतिरिक्त समय चाहिए. जिसके बाद कोर्ट ने जांच पूरा करने के लिए 6 सप्ताह का समय देते हुए अंतिम एसआईटी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.
अंबानी ने सुप्रीम कोर्ट में बकाया चुकाने की रणनीति बताई
अनिल अंबानी ने कोर्ट के सामने बैंकों का बकाया कर्ज चुकाने के लिए चरणबद्ध भुगतान योजना की पेशकश की है. साथ ही उन्होंने बैंकों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए लेनदारों की एक समिति बनाने का भी एक प्रस्ताव दिया है. उन्होंने यह भी बताया कि चल रही कानूनी कार्यवाही के कारण बैंकों ने निपटान चर्चाओं में भाग नहीं लिया है. हालांकि सॉलिसिटर जनरल ने स्पष्ट किया कि पुनर्भुगतान के प्रयासों को लंबित आपराधिक जांच से नही जोड़ा जा सकता है.
अंबानी ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले संदेसरा बंधुओं और आर्थिक मामलों में कानूनी उल्लंघन करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ सभी मामलों को बंद करने की अनुमति दी थी बशर्ते वे अपने कुल बकाया का एक तिहाई भुगतान करें. इसी आधार पर उन्होंने अपने लिए भी समान स्तर के राहत की मांग की है.
पिछली सुनवाई में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि गंभीर आरोपों के बावजूद जांच की गति और तरीका चिंता का विषय है. कोर्ट ने कहा था कि जांच ऐसी होनी चाहिए, जिससे न केवल अदालत बल्कि सभी हितधारकों का भरोसा कायम रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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