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राम मंदिर के 500-1000 रुपये के चंदे का क्या हुआ? सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई, जानिए कोर्ट का रुख

Ayodhya Ram Mandir Donation Case:अयोध्या राम मंदिर चंदा गड़बड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को अगले सप्ताह के लिए टाल दिया है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण कोर्ट ने यह फैसला लिया. मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी जल्द ही अपनी फॉरेंसिक रिपोर्ट सौंपेगी.

Edited by Shubhra Rai

Ayodhya Ram Mandir Donation Case: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर चंदा गड़बड़ी मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई को अगले सप्ताह के लिए टाल दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पक्ष रख रहे है. लेकिन वो एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए संयुक्त राष्ट्र के जुड़े हुए है.जिसके बाद सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सुनवाई को अगले सप्ताह के लिए टाल दिया. इसको लेकर एसजी मेहता की ओर से लेटर सर्कुलेट किया गया था.

मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी से दो सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा था. कोर्ट ने एक फॉरेंसिक ऑडिटर को एसआईटी में शामिल करने का निर्देश दिया था. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है. इसकी कमान लखनऊ रेंज में आईजी किरण एस. को सौपी गई है. इसके अन्य सदस्य पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) सोमेन वर्मा और अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर शामिल है.

लोगों ने 500 या 1000 रुपए दिए

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कहा था कि लोगों ने 500 या 1000 रुपए दिए हैं. आखिरकार वह पैसा ट्रस्ट तक नहीं पहुचा है, ट्रस्ट को जो भी मिला है, उसे वेबसाइट पर दिखाया जाना चाहिए ताकि लोगों को पता चल सके कि उनका पैसा पहुच गया है. यह कोई टकराव वाला मामला नहीं है. कोर्ट ने कहा था एसआईटी को पहले रिपोर्ट देने दीजिए. सीजेआई ने कहा था पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा था कि हम घटना की गुणवत्तापूर्ण जांच कर रहे है. सीजेआई ने एक याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट द्वारा निगरानी की मांग को खारिज कर दिया था.

तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग

इसको लेकर निर्मोही अखाड़े, वकील अजय कुमार राय, वकील दिनेश कुमार यादव, हिंदू धर्म परिषद और राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह की ओर से याचिका दायर की गई है. निर्मोही अखाड़े ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की है. दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि ट्रस्ट को सार्वजनिक ट्रस्ट घोषित किया जाए. साथ ही वित्तीय लेनदेन का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है. अखाड़े ने अदालत से अनुरोध किया है कि वर्तमान ट्रस्ट के गठन और उसके कामकाज में पारदर्शिता की कमी है.

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-भारत एक्सप्रेस



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