बिहार ओलंपिक संघ को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली हैं. हाई कोर्ट ने भारतीय ओलंपिक संघ के फैसले को रद्द करने का आदेश दिया है. जस्टिस सचिन दत्ता ने यह आदेश दिया है. कोर्ट ने तीन महीने में संस्था के चुनाव कराने को कहा है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता के बयान को रिकॉर्ड पर लिया है. बिहार ओलंपिक संघ ने आईओए की अध्यक्ष पी. टी उषा को लीगल नोटिस भेजा था.
यह नोटिस बिहार सहित कुछ राज्यों में शासन ढांचे की जांच के लिए एकल सदस्यीय जांच आयोग की नियुक्ति को लेकर भेजा था. बाद में यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट गया दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई में भारतीय ओलंपिक संघ से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा था, जिसमें उसके मामलों की देखरेख करने वाली तदर्थ समिति के फैसले को चुनौती दी गई थी.
बता दें कि आईओए अध्यक्ष ने कथित शिकायतों के आधार पर 2 दिसंबर को तेलंगाना, बिहार और राजस्थान के लिए अलग-अलग जांच आयोग बनाये थे. बिहार के लिए मुक्केबाजी महासंघ के सचिव हेमंत कुमार कलिता को जांच अधिकारी नियुक्त किया था. जिन्हें 10 दिसंबर को आईओए अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपनी थी. आयोग को शासन प्रक्रियाओं और चुनाव प्रक्रियाओं की समीक्षा करने का काम सौंपा गया था. बिहार ओलंपिक संघ ने इसे अपनी स्वायत्ता और निष्पक्षता के खिलाफ बताया था.
बिहार ओलंपिक संघ का कहना था कि आईओए ने बिना पारदर्शिता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का प्लान किए यह कदम उठाया. बिहार ओलंपिक संघ को न तो शिकायतों की जानकारी दी गई और ना ही अपना पक्ष रखने का मौका.
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-भारत एक्सप्रेस
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