सुप्रीम कोर्ट छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में कथित आरोपी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मिली जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर जुलाई में सुनवाई करेगा. ईडी ने चैतन्य बघेल को दो मामले में हाई कोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
जमानत रद्द करने की मांग
दायर याचिका में ईडी ने जमानत रद्द करने की मांग की है. चैतन्य बघेल ने ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसपर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी. ईडी ने विशेष अदालत में अंतिम अभियोजन शिकायत दाखिल की थी, जिसमें 59 नए लोगों को आरोपी बनाया गया. इसमें कुल 81 आरोपी है.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में बघेल की ओर से दायर याचिका सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्हें इन मामलों में गिरफ्तार न किया जाए और जांच में सहयोग करने का अवसर दिया जाए.
राजनीतिक प्रतिशोध के तहत गिरफ्तार
बघेल ने अपनी याचिका में कहा था कि जिस तरह उनके बेटे को गिरफ्तार किया गया था, उसी तरह उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है. उनका आरोप है कि एजेंसियां राजनीतिक प्रतिशोध के तहत गिरफ्तार कर रही है.
बता दें कि भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ 2161 करोड़ के कथित शराब घोटाले के मामले में जांच चल रही है. दरअसल सीबीआई ने महादेव बेटिंग एप मामले में भूपेश बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रखा है.
60 जगहों पर छापेमारी
सीबीआई द्वारा दर्ज इस FIR में बघेल का नाम छठें नंबर पर है. एफआईआर में बेटिंग एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 आरोपियों के नाम शामिल है. इस मामले में CBI 60 जगहों पर छापेमारी कर चुकी है.
इसमें ऐप के प्रमोटर रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, शुभम सोनी और अनिल अग्रवाल के अलावा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल का नाम शामिल है. रवि उप्पल को भी पिछले साल दुबई से गिरफ्तार किया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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